सेक्टर 27 में खेती करते किसान। संवाद
रोहतक। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के सेक्टर 27 में मुआवजा लेने के बाद भी किसान अवैध तरीके से खेती कर रहे हैं। विभाग के अधिकारी किसानों को नोटिस देने के अलावा उनके औजार तक जब्त कर चुके हैं। लेकिन किसान इसके बावजूद भी नहीं मान रहे हैं। लोगों ने वहां मकान भी बना लिए है, इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नमी की शिकायत बनी रहती है। सरकार ने 10 साल पहले किसानों की जमीन को अधिगृहित किया और एक निजी सोसाइटी की ओर से यहां प्लाॅट काट गए। प्लाॅट काटने के बाद सोसाइटी द्वारा मालिकों को पोजीशन नहीं दी गई। जिससे केस छह साल तक कोर्ट में चला। लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद यह सोसाइटी पूरी तरह से 2017 में वर्ष एचएसवीपी को सौंपी गई। अब वहां पर 100 से ज्यादा मकान बन चुके है। लेकिन कुछ किसानों द्वारा अलग अलग जगहों पर कुल 12 एकड़ में खेती की जा रही है। खेती के दौरान जलस्तर (चौवा) भी काफी ऊपर तक है। इससे मकान मालिकों को आर्थिक और मानसिक परेशानी होती है।
किसानों द्वारा की जा चुकी है सीवर लाइन डैमेज
किसान खेती के दौरान पानी के लिए कुछ जगहों पर गड्ढे खोद देते है और पाइपलाइन डालकर पानी की आपूर्ति पूरी करते है। जिससे उनके द्वारा सेक्टर के काफी इलाके में सीवर लाइन डैमेज हो चुकी है। किसान इस तरह की सूचना देते तक नहीं जिससे विभाग की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है।
एचएसवीपी प्लाॅटधारकों को 30 प्रतिशत बनाने का दे नोटिस
मकान मालिक जयवीर, अंकुर, जयभगवान, ओमकार का कहना है कि एचएसवीपी को जल्द से जल्द प्लाॅटधारकों को नोटिस जारी करने चाहिए कि वह जल्द से जल्द अपने रिहायशी प्लाॅटों में 30 प्रतिशत तक निर्माण करें। ताकि किसान उन प्लाॅटों की जगहों पर खेती ही न कर सकें। मकान मालिक भी इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिससे अन्य मकान वालों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। विभाग की उदासीनता के चलते ऐसा हो रहा है। सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है।
इस तरह की समस्या बनी हुई है, किसान अभी भी अवैध तरीके खेती कर रहे है। किसानों की मोटर और औजार तक जब्त कर चुके लेकिन इसके बावजूद भी किसान नहीं मान रहे। जल्द ही इसका स्थाई समाधान किया जाएगा।
कृष्ण कुमार, जूनियर इंजीनियर, एचएसवीपी