एटीएम लूट के बाद आरोपी लूट के पैसों से विदेश घूमने चले जाते थे। विदेशों
में लूट के पैसों से मौज-मस्ती करते और रुपये खत्म होने के बाद फिर से
अलग-अलग इलाकों में सक्रिय हो जाते। एटीएम लूट गिरोह के सदस्य एलएलबी छात्र
विनय ने पुलिस पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा किया है।
बता दें कि
जुलाना के गांव पोली निवासी आरोपी को रविवार को जींद रोड स्थित गांव
सिंहपुरा कलां के नजदीक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने
आरोपी को 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी पानीपत से एटीएम
उखाड़कर भागे थे, जिन्हें रोहतक में पुलिस ने घेर लिया। मुठभेड़ में दो
आरोपी फरार हो गए, जबकि विनय को पकड़ लिया गया था।
हालांकि विनय का कहना है
कि उसके साथ एक ही युवक था, जो जींद के करसौला गांव का रहने वाला है। एसपी
शशांक आनंद के अनुसार एटीएम उखाड़ने वाले गिरोह ने रोहतक, हिसार, सोनीपत,
दिल्ली, और गुड़गांव सहित अन्य जिलों में आतंक मचा रखा था। मामले में एसपी
ने डीएसपी अमित दहिया, एसएचओ विजय दहिया, एसआई मंजीत और अन्य पुलिसकर्मियों
को शामिल कर एसआईटी का गठन किया है।
जाट संस्था में एलएलबी फर्स्ट ईयर का छात्र है विनय
पोली
निवासी विनय फिलहाल जाट संस्था के एक कॉलेज में एलएलबी फर्स्ट ईयर का
छात्र है। 4 बहनों का इकलौते भाई विनय ने एक निजी संस्थान से एमबीए भी किया
है। आरोपी से एक लाइसेंसी रिवाल्वर भी बरामद किया गया है, जो कि विनय के
नाम पर ही है। विनय फिलहाल शहर के सेक्टर 3 में किराए के मकान में रहता है।
अब जिला पुलिस देश की सभी एयरपोर्ट अथारिटी में पत्र भेजेगी ताकि आरोपियों
की विदेशी ट्रिप के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
कथूरा और गोहाना से उखाड़ा था एटीएम
एसपी
ने बताया कि विनय ने अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर करीब एक
महीने पहले सोनीपत के कथूरा और गोहाना की नई अनाज मंडी से एटीएम उखाड़ा था।
आरोपी ने पुलिस के सामने इसके अलावा भी कई वारदातों को कबूला है। विनय का
कहना है कि गिरोह में वे केवल दो ही सदस्य हैं। लेकिन आरोपी का बयान पुलिस
को हजम नहीं हो रहा है।
सदर थाना प्रभारी विजय दहिया ने बताया कि विनय के
गिरोह में दो से ज्यादा सदस्य हैं। वह पुलिस को गुमराह कर रहा है। अभी
आरोपी से और भी एटीएम लूट की वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है।
गाड़ी तैयार करने वाले मिस्त्री पर नजर
पुलिस
को आरोपियों की गाड़ी तैयार करने वाले मिस्त्री की भी तलाश है। क्योंकि
आरोपियों ने गाड़ी को इस तरह से तैयार करवाया है कि उसकी छत और फर्श ट्रक
की बॉडी से भी मजबूत बना हुआ है। इतना ही नहीं आरोपियों ने टोचन बांधने के
लिए स्कार्पियों के पिछले हिस्से में कुंडा लगा रखा है। आरोपी इतने शातिर
हैं कि वे चलती गाड़ी में ही एटीएम के कैश बॉक्स को काट देते थे।
फर्जी नंबर प्लेट और आरसी तैयार करते थे आरोपी
पुलिस
की मानें तो आरोपी रुपयों के लिए गाड़ियों की फर्जी नंबर प्लेट और आरसी भी
तैयार करते थे। इसी के चलते पुलिस ने आरोपियों पर धोखाधड़ी क ी धारा में
भी केस दर्ज किया है।
एटीएम लगाने वाली कंपनी पर होगी कार्रवाई
पुलिस
अधीक्षक ने बताया कि एटीएम उखाड़ने की घटनाओं में सबसे ज्यादा लापरवाही
एटीएम लगाने वाली कंपनियों की होती है। देहात या बैंक की मुख्य ब्रांच से
अलग लगने वाली एटीएम की फर्श में सही तरीके से ग्राउंडिंग नहीं होने पर
आरोपी आसानी से एटीएम में टोचन बांधकर उसे गाड़ी से खींच लेते हैं। यह
एटीएम एनसीआर की एक कंपनी की तरफ से लगाया गया था। इस कंपनी ने ही प्रदेश
में अधिकतर बैंकों के एटीएम लगाए हैं। रोहतक में एटीएम उखाड़ने के मामले
होने के बाद एसपी की तरफ से संबंधित कंपनी के खिलाफ भारतीय रिजर्व बैंक को
भी पत्र लिखा गया था।
शुक्रवार को डाले थे 15 लाख रुपये
एसपी ने
बताया कि फिलहाल एटीएम में 17 से 18 लाख रुपये के करीब कैश है। बीते
शुक्रवार को ही संबंधित कंपनी के कर्मचारियों ने एटीएम में 15 लाख रुपये
डाले थे। उस समय पहले से ही एटीएम में 9 लाख रुपये थे।
11 महीने बाद फिर वहीं से उखाड़ा एटीएम
एजीएस
कंपनी के कस्टोडियन सुशील कुमार ने बताया कि पानीपत में जिस जगह से चोरों
ने यह एटीएम उखाड़ा है, ठीक उसी जगह से 21 जनवरी को एसबीआई बैंक का एटीएम
उखाड़ा गया था। उसके बारे में पुलिस आज तक कोई जानकारी नहीं जुटा सकी है।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस
ने बताया कि आरोपी हेलमेट या मुंह पर कपड़ा बांधकर सीसीटीवी कैमरे को
निष्क्रिय कर देते थे। इसके बाद एटीएम में टोचन का फंदा लगाकर उसे गाड़ी
में बांधकर खींचते थे। एटीएम उखाड़ने के बाद किसी सुनसान जगह पर उसे गैस
कटर से काटते थे।