हरियाणा के रोहतक में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार की अदालत ने सोमवार को 13 साल की किशोरी को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने के दोषी विजय नगर निवासी विनय को 20 साल कैद व 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी मूलरूप से यूपी के उन्नाव जिले के शुक्लागंज का रहने वाला है। जुर्माना न भरने पर दोषी को सात माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शहर के एक युवक ने जुलाई 2019 में शिवाजी कॉलोनी थाने में शिकायत दी थी कि उसकी 13 साल की भांजी बचपन से ही उसके पास रहती थी। दोपहर दो बजे वह घर से अपना बैग ठीक कराने की कहकर गई थी, लेकिन नहीं लौटी। पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर जांच पड़ताल की, लेकिन किशोरी का सुराग नहीं लग सका।
28 जुलाई को शिकायतकर्ता ने खुद ही भांजी को लेकर पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस ने उसके अदालत में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए। किशोरी ने बताया कि विजय नगर निवासी विनय उसे बहला-फुसलाकर ले गया। उसके साथ दुष्कर्म भी किया। पुलिस ने केस में आईपीसी की धारा 376 व 4 पॉक्सो एक्ट जोड़कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तभी से कोर्ट में केस की सुनवाई चल रही थी।
सोमवार को एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने विनय को दोषी करार दिया। आईपीसी की धारा 376 व 4 पॉक्सो एक्ट के तहत 20-20 साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। जबकि आईपीसी की धारा 363 व 366 के तहत तीन-तीन साल की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। सभी सजा एक साथ चलेगी।