अशोका चौक पर लालबत्ती होने के बावजूद गाड़ी निकाल रहे युवकों को होमगार्ड
ने रोकने का प्रयास किया तो उसके पैर पर गाड़ी चढ़ा दी गई। होमगार्ड ने
फिर भी गाड़ी रोकनी चाही तो युवकों ने उतरकर खुद को एसएचओ का रिश्तेदार
बताते हुए उसे पीटना शुरू कर दिया। उसे बचाने आए ट्रैफिक पुलिस के सिपाही
संग भी हाथापाई की गई इसके बाद युवक वहां से भाग गए। उनकी गाड़ी पर नंबर भी
कटे हुए थे, जिससे उसका नंबर भी पता नहीं चल सका। होमगार्ड की ओर से
पीजीआई थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
होमगार्ड ऋषिपाल की
ड्यूटी अशोका चौराहे पर चल रही है और वह शनिवार शाम के समय भी वहां तैनात
था। उसी समय झज्जर रोड की ओर से एक आल्टो गाड़ी आई और लालबत्ती होने के
बावजूद गाड़ी को निकाला जाने लगा। होमगार्ड ऋषिपाल ने उनको रोकने का प्रयास
किया तो उसके पैर पर गाड़ी चढ़ा दी गई, लेकिन उसके बावजूद होमगार्ड उनको
रोकता रहा। इसपर आल्टो गाड़ी से उतरे दो युवकों ने खुद को एसएचओ का
रिश्तेदार बताकर होमगार्ड को पीटना शुरू कर दिया। उसी समय वहां अन्य दो
युवक आये और वह भी होमगार्ड को पीटने लगा।
वहां मौजूद बाकी दो होमगार्ड व
ट्रैफिक पुलिस के सिपाही बचाव के लिए आये तो उनके साथ भी हाथापाई की गई,
जिससे सड़क पर बीच में हंगामा खड़ा हो गया। इस तरह मारपीट होती देखकर वहां
काफी भीड़ जमा हो गई और किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया। होमगार्ड के साथ
मारपीट करने के बाद चारों युवक वहां से गाड़ी में बैठकर मानसरोवर पार्क की
ओर भाग गए।
आल्टो गाड़ी पर सभी नंबर मिटे हुए थे और उसपर केवल 58 नंबर बचा
हुआ था। इस कारण गाड़ी का नंबर भी पता नहीं लग सका। इस मामले में होमगार्ड
ने पीजीआई थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं पीजीआई थाना एसएचओ कुलदीप का
कहना है कि इस मामले में शिकायत आयी है। इस घटना को अंजाम देने वालों का
पता लगाया जा रहा है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।