जाट ध्ारने स्थ्ाल का पऊफाोटाो
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राजद्रोह का एक और मामला दर्ज होने के बाद जसिया धरने पर बैठे लोगों में काफी आक्रोश है। धरनास्थल कमेटी ने चेताया कि सरकार इस तरह मुकदमे दर्ज कर माहौल को भड़काने की कोशिश कर रही है। कहा कि सरकार यदि अपनी हरकतें बंद नहीं की तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। वहीं, महिलाओं ने महिला दिवस पर एकजुटता से लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। धरने पर ही महिला दिवस मनाया गया। वहीं, 12 मार्च को सभी धरनों पर तीन बजे होलिका दहन किया जाएगा।
बुधवार को धरना महिला दिवस के रूप में मनाया गया। धरने पर मकड़ौली निवासी भानमति, मुकेश किलोई, रेणु जसिया और अंगूरी आदि ने विचार रखे। साथ ही सरकार से मांग करते हुए कहा कि जाट समाज किसी का हक नहीं मांग रहा। जब तक जाटों को उनका हक नहीं मिलता, कोई भी पीछे नहीं हटेगा। महिला दिवस पर महिलाओं ने एकजुट होकर आगे की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। धरनास्थल कमेटी की तरफ से कहा गया कि सरकार दबाव बनाने के लिए बार-बार राजद्रोह के मुकदमे दर्ज कर रही है
। कहा गया कि जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, उसने ऐसी कोई गलत बात नहीं कही है। समाज एकजुट होकर उसके साथ है। यदि सरकार में हिम्मत है तो सभी के खिलाफ मुकदमे दर्ज करके दिखाए। इसके अलावा, 20 मार्च को होने वाले संसद घेराव की तैयारियों का भी आह्वान किया गाय। कहा कि 20 मार्च के बाद धरनों की कमान महिलाओं के हाथों में होगी। दिल्ली कूच में केवल पुरुष जाएंगे। 17 मार्च तक रोहतक में कंट्रोल रूम बना दिया जाएगा। जहां से कोई भी संसद घेराव को लेकर जानकारी ले सक