राजद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे प्रोफेसर विरेंद्र का पुलिस रिमांड 8 दिन के लिए और बढ़ गया है। शनिवार को कोर्ट में विरेंद्र का नार्को टेस्ट करवाने को लेकर बहस हुई। पुलिस ने कहा कि प्रोफेसर बहुत शातिर हैं और जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। वहीं, आरोपी के वकील ने कोर्ट में गुहार लगाई कि प्रोफेसर के हाथ-पैर कांपते हैं। इसलिए वे नार्को टेस्ट नहीं करवा सकते हैं। इस पर कोर्ट ने पुलिस को 3 दिन का समय दिया है। 21 मार्च को पुलिस कोर्ट मेें पक्ष रखेगी कि विरेंद्र सिंह का नार्को टेस्ट क्यों जरूरी है। पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में नार्को टेस्ट कराने की अर्जी लगाई थी।
इससे पहले, एसआईटी ने दो दिन का रिमांड पूरा होने के बाद विरेंद्र सिंह को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने आरोपी को 10 दिन के और रिमांड पर भेजने की मांग की। कोर्ट ने 8 दिन का रिमांड मंजूर किया है। पेशी के दौरान सरकारी वकील और आरोपी के वकीलों की करीब एक घंटे तक बहस हुई। विरेंद्र सिंह को पुलिस 27 मार्च को कोर्ट में पेश करेगी।
आमने-सामने बैठाकर होगी पूछताछ
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे राजद्रोह के आरोपी प्रोफेसर विरेंद्र सिंह से करीब 350 लोगों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ होगी। जांच में शामिल होने वाले ये वे लोग हैं, जिनसे विरेंद्र सिंह ने उपद्रव के दौरान बातचीत की थी। पुलिस विरेंद्र की कॉल डिटेल निकलवाकर इन लोगों से संपर्क करेगी। फिर इन्हें जांच में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा। विरेंद्र सिंह ने उपद्रव के दौरान प्रयोग किए गए मोबाइल नंबर को भी उपलब्ध करवा दिया है।
यूं हुई बहस
पुलिस ने कोर्ट में तर्क दिया कि विरेंद्र जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। दो दिनों के रिमांड में पुलिस उन्हें चंडीगढ़ भी लेकर गई, लेकिन कुछ भी फायदा नहीं हुआ। आरोपी के वकील आरसी दलाल ने बताया कि पुलिस ने जांच में सहयोग न करने का तंज कसते हुए कहा कि विरेंद्र बहुत शातिर है। पूछताछ में पुलिस को गुमराह कर रहा है। पुलिस ने आरोपी के नार्को टेस्ट के लिए भी अर्जी लगाई। विरेंद्र सिंह की बीमारी का हवाला देकर उनके वकील में कोर्ट में कहा कि नार्को टेस्ट की अनुमति नहीं दी जाए। वकील आरसी दलाल ने बताया कि विरेंद्र सिंह के हाथ-पैर कांपते है।
वे लगातार बीमार रहते हैं। इसलिए वे नार्को टेस्ट नहीं देना चाहते हैं। आरोपी पहले ही कह चुका है कि विवादित ऑडियो टेप में उन्हीं की आवाज है। फिर भी पुलिस आवाज के नमूने लेना चाहती है तो ले सकती है। दलाल का कहना है कि आरोपी की सहमति के बिना पुलिस उसका नार्को टेस्ट नहीं करवा सकती। टेस्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट का एक आर्डर भी पेश किया गया। इसके बाद मामले को अगली सुनवाई तक टाल दिया गया।
विरेंद्र सिंह बीमार रहते हैं। इसलिए वे नार्को टेस्ट देने के लिए शारीरिक तौर पर तैयार नहीं हैं। कोर्ट में भी विरेंद्र सिंह का नार्को टेस्ट न कराने की अपील की गई है। आरोपी ने पुलिस को अपना मोबाइल नंबर मुहैया करवा दिया है। ताकि पुलिस कॉल डिटेल निकलवा सके।
आरसी दलाल, आरोपी के वकील।
कैप्टन दलाल को आज बुलाया पूछताछ के लिए
विरेंद्र सिंह से पूछताछ चल रही है। कोई महत्वपूर्ण तथ्य अभी तक सामने नहीं आया है। मामले में दूसरे आरोपी कैप्टन मान सिंह दलाल को रविवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अस्पताल में दाखिल होने के कारण अभी तक उनसे पूछताछ नहीं हो पाई थी।
डीएसपी पवन कुमार, एसआईटी इंचार्ज।
ये है मामला
आरोप है कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर विरेंद्र ने जाट आरक्षण आंदोलन को भड़काया। उनका एक विवादित ऑडियो टेप सामने आया था, जिसमें वे आंदोलन को दूसरी जगह भी शुरू करने की बात कह रहे हैं। इस टेप के आधार पर भिवानी के रिटायर्ड कैप्टन पवन कुमार ने प्रोफेसर विरेंद्र सिंह और दलाल खाप के प्रवक्ता कैप्टन मानसिंह के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया था।