बर्ड फ्लू के मद्देनजर बाहर निकालकर बाड़े में रखी गईं थीं बतखें
- फोटो : amar ujala
हिसार के ब्लू बर्ड में बर्ड फ्लू की पुष्टी के बाद तिलयार झील में दो बतखों की संदिग्ध हालात मौत हो गई है। जिन बतखों की मौत हुई है उन्हें एक दिन पहले झील से बाहर निकालकर अलग बाडे़ में रखा गया था। अधिकारियों का कहना है कि तिलयार में हालात सामान्य हैं। बतखों की मौत कुत्ते के हमले में हुई है। वहीं, दोनों मृत बतखों को दफना दिया गया है।
पिछले माह से दिल्ली और हरियाणा में बर्ड फ्लू की दहशत फैली है। हालांकि, अभी तक केवल हिसार की ब्लू बर्ड झील की बतखों में बर्ड फ्लू की पुष्टी हुई है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है। तिलयार में पशु पालन विभाग के आदेश के बाद रविवार को लगभग 50 बतखों को झील से बाहर निकालकर अलग बाडे़ में रखा गया था। इसमें से सोमवार सुबह दो बतख मृत अवस्था में मिलीं। बतखों के मरने की कई वजह बताई जा रही है। आला अधिकारी बतखों की मौत कुत्ते के हमले से बता रहे हैं। लेकिन बतखों के लिए झील से निकालकर बाडे़ में कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई। बतखों तक कुत्तों का पहुंचना ही कई सवाल खड़े करता है। इसके बावजूद बतखों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। हालांकि, अभी तिलयार में बर्ड फ्लू जैसा कोई मामला नहीं है, इसलिए पर्यटकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
इसलिए किया था अलग
अधिकारियों का कहना है कि झील से स्थानीय बतखों को इसीलिए बाहर अलग बाडे में रखा गया ताकि बाहर से आने वाले पक्षियों का पता चल सके। सुरक्षा की दृष्टि से यह एक सामान्य प्रक्रिया है।
जिले में अभी बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं है। ऐसे में लोगों में डरने की जरूरत नहीं है। यहां के हालात बिल्कुल सामान्य हैं। तिलयार में हुई बतखों की मौत कुत्ते की वजह से हुई है।
- डॉ. सूर्या खटकड़, डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन एवं डेयरी विभाग