दरअसल, गांव मदीना निवासी सुमित दांगी सिंचाई विभाग में नहरों की सफाई
का ठेकेदार है। उसे कुछ दिन पहले विभाग की ओर से काहनौर, कलानौर और कटेसरा
माइनर की सफाई का ठेका मिला था। काम पूरा होने के बाद विभाग की तरफ से
सुमित को 2 लाख 24 हजार रुपये का भुगतान किया जाना था।
सुमित कुमार ने
विजिलेंस को दी शिकायत में बताया कि सिंचाई विभाग का जेई चिन्योट कॉलोनी
निवासी संदीप यादव ठेके के रुपये में से 85 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा
है। रिश्वत नहीं देने के एवज में आरोपी ने सुमित को धमकी दी कि भविष्य में
विभाग की तरफ से कोई भी ठेका उसे नहीं दिया जाएगा।
सुमित की शिकायत पर
मंगलवार को विजिलेंस इंस्पेक्टर आशीष कुमार और ड्यूटी मजिस्ट्रेट गुलाब
सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। सुमित ने जेई को रिश्वत के रुपये
देने के लिए दोपहर को झंग कॉलोनी स्थित पार्क के पास बुला लिया। यहां जैसे
ही सुमित ने जेई को रुपये दिये तो उसने रुपये के बैग को कार में डाल लिया।
तभी जेई को विजिलेंस की भनक लग गई। भनक लगते ही जेई ने तेजी से सुमित को
धक्का दिया और कार में बैठकर खिड़की लॉक कर ली। विजिलेंस टीम उसे दबोचने
पहुंची तो आरोपी ने तेजी से कार को टीम की तरफ दौड़ा दिया। टीम सदस्य
बाल-बाल बचे। जेई कार को तेजी से दौड़ाता हुआ शीला बाईपास की तरफ फरार हो
गया। कई राहगीर भी कार की चपेट में आने से बचे। पुलिस ने काफी दूर तक जेई
का पीछा किया, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका।
आरोपी जेई संदीप यादव
के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम, जान से मारने की धमकी, सरकारी काम में बाधा
डालना, सबूत खुर्द-बुर्द करने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया
है।- आशीष कुमार, विजिलेंस इंस्पेक्टर।