हिसार जा रहे रामपाल के समर्थकों से भरी बस सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे खरावड़ स्थित मंदिर के पास पलट गई। चालक को झपकी आने पर पहले तो बस खंभे से टकराई और फिर डिवाइडर से। इसके बाद बस का एक्सल टूट गया और वह सीधी खड़ी होकर पलट गई। इस दौरान बस करीब 20 मीटर तक साइट से घिसटती रही। हादसे में करीब 40 समर्थक घायल हो गए। घायलों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद को दौड़ पड़े। इसी बीच मौका पाकर चालक फरार हो गया। कुछ घायलों को निजी अस्पताल तो कुछ को पीजीआई में भर्ती करवाया गया है।
दरअसल, हिसार जेल में बंद रामपाल की पेशी थी। इस सूचना पर सुबह करीब पांच बजे दिल्ली के करावलनगर से करीब 60 समर्थक एक निजी बस में सवार होकर हिसार के लिए निकले। रोहतक-दिल्ली नेशनल हाईवे स्थित खरावड़ मंदिर के पास बस चालक को झपकी आ गई। इससे ब्रिज से उतरते ही बस सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गई, इसके बाद अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। बस के पलटते ही आसपास के लोग मदद में एकजुट हो गए। जैसे-तैसे कर सभी को बस से बाहर निकाला गया और कुछ को निजी तो कुछ लोगों को गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती करवाया गया।
घायल में अधिकतर करावल नगर के
हादसे में घायल होने वालों में अधिकतर लोग दिल्ली के करावल नगर के रहने वाले हैं। सभी लोग मेहनत मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं। हादसे में रामदासी, सावित्री, किरन, प्रकाशो देवी, कुमकुम, सुमन, रिंकू, कृष्ण, राधा, सुनीता, मोनिका, कोमल, राजबाला, ममता, सविता, विनोद बाला, राजवंती, सुशीला और एक अज्ञात महिला घायल हुई है। इसके साथ ही, राजपाल, रामकेश, प्रवीन, नीरज, ऋषिपाल, जगदीश, छतरपाल, सुरेंद्र, सुमित, यश, जयप्रकाश, दीपक, रितेश, कांचन, मांगेराम, प्रतीक, गिरीश, रमेशचंद्र, पवन और कई अज्ञात भी घायल हो गए हैं।
एक दिन पहले दिल्ली में वायरल होता है पेशी का संदेश
रामपाल के समर्थकों का अचानक इकट्ठा हो जाना कोई इत्तफाक नहीं है। जिलेवार फैले अनुयायियों की ओर से समर्थकों में रामपाल की पेशी का मैसेज भेजा जाता है। इसके बाद सभी समर्थक एकजुट होकर बस को किराए पर बुक करते हैं। समर्थक पवन ने बताया कि हर पेशी पर दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर समर्थक इकट्ठा होकर बस में सवार होकर पहुंचते हैं। इस बार करावल नगर में सभी समर्थकों को इकट्ठा होने का मैसेज दिया गया था।
कमाई का लालच, 60 जिंदगी पर भारी
हादसे के बाद ही समर्थकों ने निजी ट्रांसपोर्ट चलाने वाले पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि ट्रांसपोर्टर ने मामूली कमाई के लिए करीब 60 लोगों का जीवन खतरे में डाल दिया। आरोप है जो चालक उनकी बस चला रहा था वह रात की शिफ्ट में ड्यूटी करके आया था। इसी कारण उसे रास्ते में झपकी आ गई।
घायलों की जुबानी हादसे की कहानी
चकरी टूटने के बाद पीछे से सीधी खड़ी होकर पलटी बस : गिरीश
मैं चालक वाली साइड में खिड़की की तरफ बैठा था। जैसे ही बस ओवरब्रिज से उतरी, चालक को नींद आ गई। खंभे से टकराकर बस डिवाइडर से भी टकरा गई। इसके बाद बस का एक्सल टूट गया। बस पीछे से आगे की तरफ खड़ी हो गई और पलट गई। करीब 20 मीटर तक सभी लोग एक दूसरे के ऊपर पड़े हुए बस के साथ सड़क पर घिसटते रहे।
शुक्र रहा बस में नहीं थे बच्चे : रामकेश
मैं दिल्ली के मंडौली में रहता हूं। मगर करावल नगर में काम करता हूं। सुबह जल्दी उठने के कारण बस में सो रहा था। जब अचानक बस की टक्कर खंभे से हुई तो आंख खुल गई। जब कुछ समझ पाते बस डिवाइडर से टकराकर एक साइड में पलट गई। इसके बाद बस में बैठे सभी लोग एक दूसरे के ऊपर गिर गये।
हमें मौत के मुंह में डालकर चालक झाड़ियों में भाग गया : पवन
मैंने देखा कि बस के अंदर से सवारियों की चीख पुकार की आवाज आ रही थी। सभी एक दूसरे को बचाने में लगे थे। इसी बीच चालक चुपचाप झाड़ियों में कूदा और फरार हो गया। आसपास के लोग सहारा न देते तो बचना मुश्किल था। मदद करने वाले लोगों के शुक्र गुजार हूं।