एमडीयू के यूआईईटी (यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) में कर्मचारियों द्वारा शराब के नशे में धुत होकर छात्राओं के साथ छेड़खानी का मामला सामने आया है। हालांकि यह मामला होली के समारोह का है, लेकिन जिस तरीके से कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए हैं वह बेहद संगीन हैं। कई छात्राओं की शिकायत के बाद यह मामला यूनिवर्सिटी की ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के खिलाफ हिंसा एवं यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति’ के पास भी पहुंच गया है।
दरअसल, कई दिन पहले यूआईईटी की कुछ छात्राओं की तरफ से अधिकारियों को एक शिकायती पत्र दिया गया था। इस पत्र में छात्राओं ने बताया कि पिछले माह कैंपस में होली का समारोह था। आरोप है कि समारोह में यूआईईटी के तीन कर्मचारियों ने शराब पीकर कई छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और छेड़खानी की। छात्राओं ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान कर्मचारियों ने अपने बाहरी दोस्तों को भी बुला रखा था। इस घटना केे बाद उन्होंने अपने सीनियर साथियों से बातचीत की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया कि इनके खिलाफ शिकायत करने का कोई फायदा नहीं है। ऐसा पहले भी हो चुका है, कोई भी कार्रवाई नहीं होती। कई दिन पहले छात्राओं की तरफ से दी गई शिकायत में अब उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई की मांग की है। सूत्रों की मानें तो पहले यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने मामले को दबाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राओं से जुड़ा होने के चलते संवेदनशीलता को देखते हुए इस शिकायत को यूनिवर्सिटी की ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के खिलाफ हिंसा एवं यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति’ के पास भेजा गया है। हाल ही में समिति की बैठक भी हुई है। हालांकि इस बैठक में कोई निर्णय नहीं हो सका, लेकिन फिलहाल मामले की गहनता से जांच की जा रही है। नाम न छापने की शर्त पर यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने इस शिकायत की पुष्टी की है।
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
यूनिवर्सिटी में छात्राओं के साथ हुई छेड़खानी का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ माह पहले फार्मेसी डिपार्टमेंट की एक छात्रा ने अपने ही शिक्षक पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके अलावा यूनिवर्सिटी में थर्ड आई के नाम से एक पत्र भी वायरल हुआ था। इसमें यूनिवर्सिटी के बड़े अधिकारियों पर भी संगीन आरोप लगाए गए थे। इस पत्र को राज्यपाल के पास भी भेजा गया था। हालांकि यूनिवर्सिटी ने जांच करने की बजाय इस मामले को दबा दिया था।
रजिस्ट्रार ने जताई अनभिज्ञता
अभी तक ऐसा कोई मामला मेरी जानकारी में नहीं आया है। हो सकता है यह शिकायत अन्य अधिकारियों के पास आई हो। मामले की जानकारी ली जाएगी।
- जितेंद्र भारद्वाज, रजिस्ट्रार, एमडीयू।