बहन के जेठ के खिलाफ छेड़छाड़ और मारपीट की शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर युवती ने मिनी सचिवालय परिसर में आत्मदाह का प्रयास किया। युवती ने केरोसिन छिड़कते हुए खुद को आग लगाने की कोशिश की। लेकिन, वहां मौजूद लोगों ने युवती को पकड़ लिया। हंगामा मचते ही पुलिस ने उसे स्थानीय सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं इससे पहले 21 सितंबर को पीड़ित युवती और उसकी बहन ने मिनी सचिवालय के बाहर ससुराल पक्ष के लोगों को बचाने का आरोप लगाते हुए पुलिस के खिलाफ धरना दिया था। पुलिस अधिकारी के आश्वासन के बाद उन्होंने धरना खत्म किया था। इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर युवती की छोटी बहन ने आत्मदाह का प्रयास किया।
किशनगढ़ निवासी सुरेश कुमार की बेटी स्वीटी की शादी मार्च 2007 में दादरी-भिवानी निवासी प्रीतम के साथ हुई है। शादी के कुछ दिन बाद से दोनों मे मनमुटाव हो गया जिससे स्वीटी मायके आ गई। स्वीटी की छोटी बहन रेणु ने बताया कि 18 सितंबर को स्वीटी का जेठ उनके घर आया। उस समय रेणू घर पर अकेली थी। रेणु का आरोप है कि जेठ ने उसके साथ मारपीट और छेड़छाड़ की। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई थी।
21 सितंबर को दिया था धरना, मिला था आश्वासन
रेणु का आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद स्वीटी के ससुराल वाले मेरा पीछा करते और जान से मारने, बेआबरू करने की धमकी देते। 21 सितंबर को मिनी सचिवालय के बाहर बहन स्वीटी के साथ परिजनों ने कार्रवाई की मांग करते हुए धरना दिया था। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए धरना खत्म करवाया। रेणु का आरोप है कि अधिकारी आरोपियों को बचा रहे हैं और कोई कार्रवाई नहीं कर रहे।
आरोप: धक्का मार निकाला बाहर
सोमवार को स्वीटी और रेणु एक बार फिर पुलिस से कार्रवाई की मांग करने मिनी सचिवालय पहुंची। रेणु का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसकी बात सुनने की बजाय धक्का मारकर बाहर निकाल दिया। कार्रवाई से खफा होने पर रेणु ने मिनी सचिवालय कैंपस में ही केरोसिन अपने ऊपर छिड़क लिया। तभी वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। इस घटना से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों ने उसे सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया। बताया जा रहा है कि मामले में ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
ससुराल पक्ष ने आरोप नकारे
स्वीटी के ससुर रामस्वरूप नंबरदार और जेठ कृष्ण कुमार ने बताया कि उन पर मारपीट, छेड़छाड़ और दहेज आदि मांगने के आरोप निराधार हैं। मामले में बेवजह उन्हें घसीटा जा रहा है। उन्होंने बार-बार स्वीटी और प्रीतम का घर बसाने का प्रयास किया है। जमीन जायदाद को लेकर सब बखेड़ा हुआ है।