अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जसिया में चल रहे धरने में मंगलवार को मीडिया निशाने पर रहा। मंच से और भीड़ के बीच से मीडिया के खिलाफ जहर उगलने के साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और मीडियाकर्मियों को धमकाया तक गया। हालांकि मामला गरम होता देख समिति के जिला महासचिव केएल हुड्डा की तरफ से पत्रकारों से माफी मांगी गई लेकिन पत्रकारों ने भीड़ का रुख भांप वहां से निकलना ही बेहतर समझा।
हरियाणा पत्रकार कल्याण मंच के प्रदेशाध्यक्ष पवन आश्री और सचिव मेवा सिंह राणा ने इस घटना की भर्त्सना करते हुए पत्रकारों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। वहीं, हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट और जिला मीडिया क्लब ने भी पत्रकारों से की गई बदसलूकी की कड़े शब्दों में निंदा की है। समिति के धरने के दौरान 19 फरवरी को मनाए गए बलिदान दिवस पर जसिया निवासी सोमबीर ने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की।
इस पर सोमबीर के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है। इसके लिए आंदोलनकारी मीडिया को जिम्मेदार मान रहे हैं।
यशपाल मलिक ने खेद जताया, बोले-पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने पूरे प्रकरण को लेकर खेद प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि सभी धरने के पदाधिकारियों को फोन पर सूचित कर किया गया है कि मीडिया कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार न किया जाए। किसी ऐसे व्यक्ति को माइक न दिया जाए, जो इस तरह की बातें कर आंदोलन को भटकाता है। साथ ही विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में इस तरह की घटना नहीं होगी। उन्होंने मीडिया से अपील की है कि जिस तरह पिछले दस वर्षों में मीडिया ने साथ दिया है, भविष्य में भी ऐसे ही साथ देते रहेंगे।