पीजीआईएमएस में 565 स्टाफ नर्स के रिक्त पदों को भरने के लिए रविवार को लिखित स्क्रीनिंग परीक्षा ली गई। इन पदों के लिए करीब आठ हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, लेकिन 911 अनुपस्थित रहे। संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि वे रविवार देर रात या इसके बाद तक परिणाम भी जारी कर देंगे। इसके बाद साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।
पीजीआईएमएस के वीसी डॉ. ओपी कालरा के दिशा-निर्देशन में रविवार को लिखित परीक्षा हुई। यह परीक्षा सुबह 11 बजे से डेढ़ बजे तक चली। इसमें परीक्षार्थियों से 150 लघु प्रश्न पूछे गए थे। उड़नदस्तों ने सभी परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। कुल सचिव डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से स्टाफ नर्स के रिक्त पदों को भरने के लिए करीब 30 परीक्षा केंद्रों में लिखित परीक्षा ली गई है। ये सेंटर डीपीएस, डीएवी, आईसी कॉलेज, एमडीयू, कैंपस स्कूल, पंडित नेकीराम महाविद्यालय और पीजीआई कैंपस में बनाए गए हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से करवाने के लिए 30 ऑब्जर्वर, 10 उड़न दस्ते, 30 सेंटर सुपरीटेंडेंट और करीब 800 स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई थी। उड़नदस्तों ने सभी परीक्षा केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया। परीक्षार्थियों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करवाई गई और अंगूठों के निशान लिए गए।
केंद्रों के बाहर लगा जाम
परीक्षा शुरू होने के और समाप्त होने के दौरान हर सेंटर के बाहर जाम लग गया। पुलिस कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के जाम खुलवाया। वहीं, दूर-दराज से अपने वाहन लेकर आए लोगों की वजह से सड़कों पर जाम जैसी स्थिति रही। सबसे अधिक जाम जैसी स्थिति पंडित नेकीराम कालेज के बाहर रही। परीक्षार्थियों को मेन रोड से अंदर वाहन नहीं ले जाने दिया गया। इसके चलते सड़क पर ही परीक्षार्थियों के परिजन इंतजार करते रहे।
पुरुषों के मुकाबले अधिक रहीं महिला परीक्षार्थी
स्टाफ नर्स की परीक्षा देने वालों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की अधिक संख्या रही। परीक्षा देने आए कुलदीप, संदीप, मंजीत, सुमन, स्नेहा और प्रीति ने बताया कि पूछे गए सवाल न तो आसान थे और न ही कठिन। निगेटिव मार्किंग न होने की वजह से कंप्टीशन आसान नहीं होगा।
निजी कंपनी बना रही स्टाफ नर्स का रिजल्ट
स्टाफ नर्स की लिखित स्क्रीनिंग परीक्षा का रिजल्ट निजी कंपनी तैयार कर रही है। इस पर कुछ लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि प्राइवेट आदमी कहीं गड़बड़ी न करें। हालांकि इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि जो रिजल्ट निजी कंपनी बना रही है, वह सरकार की ओर से अप्रूव्ड है। परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है।