हरियाणा के रोहतक में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी युवक को अदालत ने 20 साल कैद और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जो सोनीपत का रहने वाला है। चाची का भाई होने के कारण रिश्ते में पीड़िता का मामा लगता है। साथ ही अदालत ने आरोपी चाचा व चाची को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
वर्ष 2020 में जिले के एक गांव की महिला ने शिकायत दी थी कि उसकी नाबालिग बेटी पर उसकी चाची ने अपने भाई के साथ मिलकर दबाव बनाया और अपने घर बुला लिया। वहां पर आरोपी ने नाबालिग के साथ गलत काम किया। साथ में धमकी दी कि किसी को बताया तो जान से मार देगा।
इसके बाद फिर उसकी बेटी को आरोपी ने डरा धमका कर घर बुलाया और गलत काम किया। इस बात का पता बेटी के चाचा व चाची को भी था। आरोपियों ने धमकी दी किसी को बताया तो जान से मार देंगे। साथ ही तेरी शादी आरोपी से करवा देंगे।
उसकी लड़की ने घर आकर कुछ नहीं बताया, लेकिन वह मायूस रहने लगी। उसने आराम से पूछा तो बेटी ने सच्चाई बता दी। पुलिस ने दंपति व आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। शनिवार को एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने दोषी युवक को 20 साल की कैद व छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि पीड़िता के चाचा व चाची को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।