हरियाणा के रोहतक में पीजीआई के कर्मचारियों का 3 लाख 92 हजार रुपये वेतन लेकर निजी कंपनी का सुपरवाइजर फरार हो गया। कंपनी मैनेजर अरुण शर्मा ने थाने में अमानत में खयानत का केस दर्ज कराया है। पीजीआई स्थित निजी कंपनी के ब्रांच मैनेजर अरुण शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कंपनी ने बैंक के संचालन के लिए पीजीआई को कर्मचारी दे रखे हैं।
कर्मचारियों के सुपरवाइजर अजय माथुर हैं। 14 नवंबर को बैंक मैनेजर राकेश ने बताया कि बैंक में तीन दिन का कैश जमा नहीं हुआ है। उसने संबंधित कर्मचारी से बात की तो उसने बताया कि कैश कम है। इसके बाद वह पीजीआई की खिड़की नंबर 24 पर गया। सभी कर्मचारियों से बात की तो पता चला कि 10 नवंबर को सुपरवाइजर अजय माथुर एक लाख 65 हजार 300, 11 नवंबर को एक से 84 हजार 975 व दूसरे से 5 हजार रुपये लेकर गया।
उसने अजय माथुर से संपर्क किया तो उसने कहा कि वह 16 नवंबर को सुबह 11 बजे बैंक में पैसे जमा कर देगा, पर उसने ऐसा नहीं किया। इसके अलावा आरोपी महिला कर्मी बीना सिंह से 12 नवंबर को 80 हजार 250, 13 नवंबर को 20 हजार रुपये, राजीव से 40 हजार रुपये लेकर गया। इस तरह कुल 3 लाख 92 हजार से ज्यादा की नकदी ले गया, लेकिन बैंक में जमा नहीं करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।