फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चार दिन में काला ने उगले कई राज, पुलिस खाली हाथ

Thu, 23 Jun 2016 02:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
न तो गुजरात के व्यापारी मर्डर में जांच आगे बढ़ी न ही कैराना से काला का दोस्त हुआ काबू - फोटो : Demo pic
विज्ञापन
धमकी भरे खत लिखकर और गोली मारकर शहर के व्यापारियों में दहशत पैदा करने वाले दीपक उर्फ काला उर्फ दादा ने पुलिस के सामने कई राज खोले हैं, लेकिन पुलिस एक भी मामले की तह तक जाने में नाकाम रही है। पुलिस न तो गुजरात के व्यापारी की हत्या के सच का पता लगा सकी है न ही कैराना से काला के दोस्त को पकड़ सकी है। अभी तक पुलिस हवा में हाथ-पांव मार रही है।
विज्ञापन


बता दें कि पुलिस ने पालिका बाजार के व्यापारी कृष्णलाल खट्टर पर गोली मारने और शहर के बड़े व्यापारियों को खत लिखकर रंगदारी मांगने के मामले में रविवार को 25 हजार के इनामी दीपक उर्फ काला सहित उसके दो साथी साहब सिंह उर्फ साहबला और सोनीपत के रिढाणा निवासी विनोद उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया है।
 
रिमांड अवधि के चार दिन पूरे, तीन दिन शेष  

पुलिस के पास काला और उसके दोस्तों से पूछताछ और निशानदेही के लिए मात्र तीन दिन का समय रह गया है। रिमांड अवधि के चार दिन पूरे हो चुके हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर ले रखा है। रिमांड अवधि में पुलिस कोई बड़ा खुलासा नहीं कर सकी है। काला के दोनों दोस्तों ने तो पुलिस के सामने मुंह भी नहीं खोला है।
विज्ञापन


आरोपी जेल पहुंचे तो कुछ नहीं होगा हासिल

पुलिस यदि रिमांड अवधि में आरोपियों से कुछ महत्वपूर्ण तथ्य नहीं उगलवा सकी तो उनके जेल जाने के बाद कुछ भी हासिल नहीं होगा। मामले में एक पेंच और है। यदि पुलिस ने कोर्ट से दोबारा आरोपियों के रिमांड की मांग की तो उसे कोर्ट में आरोपियों से बरामद सामान और कुछ महत्वपूर्ण जानकारी पेश करनी होगी। यदि पुलिस खाली हाथ कोर्ट पहुंची तो रिमांड अवधि बढ़ना मुश्किल है। आरक्षण आंदोलन हिंसा के मामले में वकील सुदीप कलकल के केस में इसी बात को लेकर पुलिस की कोर्ट में किरकिरी हो चुकी है।

काला और उसके साथियों को लेकर पुलिस की छापेमारी

पुलिस ने बुधवार को काला और उसके दोनों साथियों की निशानदेही पर कई जगहों पर छापेमारी की। प्रदेश के बाहर भी आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं। आरोपियों को अलग-अलग पुलिस टीम को सौंपा गया है। पुलिस काला से उस आरोपी के बारे में जानने का प्रयास कर रही है जहां से आरोपियों के पास हथियार सप्लाई किए गए थे।  

खत भेजने के मामलों में काला व साथी जांच में शामिल

पुलिस ने व्यापारियों को धमकी भरे खत भेजकर रंगदारी मांगने के मामलों में काला और उसके साथियों को जांच में शामिल किया है। इन मामलों के जांच अधिकारी अपने स्तर पर आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं। मंगलवार को आर्य नगर चौकी प्रभारी ने खत भेजने के एक मामले में काला से पूछताछ की थी। सिविल लाइन थाने के अन्य जांच अधिकारी भी उससे पूछताछ कर रहे हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें