शीला बाईपास स्थित शहर के नामी गुलाब रेस्टोरेंट में रविवार देर शाम बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने गोली चला दी। फायरिंग में रेस्टोरेंट का मैनेजर और कर्मचारी बाल-बाल बच गए। दो गोलियां दागने के बाद नकाबपोश अपने साथी की बाइक पर बैठकर हवाई फायरिंग करते हुए भाग गया। फायरिंग से रेस्टोरेंट सहित आसपास के दुकानदारों में अफरातफरी मच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही शहर विधायक मनीष ग्रोवर और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए नाकेबंदी कर दी। पुलिस को कुछ देर बाद बदमाशों की सीसीटीवी फुटेज मिल गई। इसी आधार पर उनकी तलाश की जा रही है। फुटेज में बदमाश गोली मारता नजर आ रहा है।
शीशा तोड़ 12 फीट दूर दीवार में लगी गोली
रविवार देर शाम गुलाब रेस्टोरेंट के कर्मचारी काउंटर पर बैठे थे। जबकि मैनेजर सुरेंद्र सुनेजा साथ वाली गली में खड़े थे। वह दूसरे भवन में सीवर लगवाने के संबंध में राजमिस्त्री से बात कर रहे थे। सभी कर्मचारी काम करने में व्यस्त थे। देर शाम करीब पौने आठ बजे एक बाइक पर दो नकाबपोश बदमाश पहुंचे। बदमाश रेस्टोरेंट के सामने लगे ट्रांसफार्मर के पास रुके। एक बदमाश बाइक स्टार्ट करके खड़ा रहा, जबकि दूसरे ने रेस्टोरेंट के मैनेजर पर गोली चला दी। मैनेजर बाल-बाल बच गए, लेकिन गोली रेस्टोरेंट का शीशा तोड़कर 12 फीट अंदर दीवार पर जा लगी। गोली चलते ही रेस्टोरेंट में अफरातफरी मच गई। आसपास भी भगदड़ मच गई। बदमाशों ने भागते समय भी एक हवाई फायर किये और नये बस स्टैंड की तरफ फरार हो गए।
हथियार लहराते हुए पार की सड़क
रेस्टोरेंट के मैनेजर सुरेंद्र ने बताया कि गोली मारने वाले ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था, जबकि बाइक स्टार्ट करके खड़ा युवक मुंह पर साफा बांध रखा था। बदमाश सड़क पार करके रेस्टोेरेंट के सामने आया और गोली चलाई। इसके बाद हथियार लहराते हुए सड़क पार की। फिर बाइक पर बैठने से पहले हवाई फायरिंग की। पुलिस को सूचना मिलते ही डीएसपी अनिल कुमार, सिविल लाइन एसएचओ रमेश, अर्बन इस्टेट एसएचओ सतेंद्र टीम सहित मौके पर पहुंचे।
ये है पेंच
करीब एक सप्ताह पहले कार सवार युवकों ने रेस्टोरेंट के बाहर जमकर उत्पात मचाया था। उत्पात मचाने वाले युवकों ने मैनेजर को देख लेने की धमकी भी दी थी। इसके बाद पुलिस ने युवक को जेल भेज दिया था। अब पुलिस मामले को उसी घटना से जोड़कर देख रही है। सूत्रों की मानें तो युवक हाल ही मेें जमानत पर बाहर आया है। हालांकि, मामले में उस युवक की संलिप्तता की कोई पुष्टि नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि युवक ों ने मैनेजर पर जली हुई दुकान को लेकर टिप्पणी की थी।
वारदात के समय रेस्टोरेंट में थे 18 कर्मचारी
जिस समय गोली चलाई गई उस समय रेस्टोरेंट में करीब 18 कर्मचारी थे। मैनेजर सुरेंद्र सुनेजा का कहना है कि उनका दिन भर किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। अन्य कर्मचारियों का भी किसी से विवाद नहीं हुआ। मैनेजर का कहना है कि उन्हें किसी ने कोई धमकी नहीं दी है। हालांकि पुलिस को एक पत्र मिला है जिसमें रुपये की मांग की गई है। लेकिन पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर रही है कि उसे लेटर कहां से मिला और उसमें क्या लिखा गया है।
दंगों में जल गया था रेस्टोरेंट
गुलाब रेस्टोरेंट को आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में जला दिया गया था। इसके बाद उसे सड़क के दूसरी तरफ शिफ्ट कर दिया गया। आगजनी के बाद से उसमें निर्माण कार्य चल रहा है। अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है।
बदमाशों की सीसीटीवी फुटेज मिल गई है। उसी आधार पर पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। बाइक के नंबर के आधार पर बदमाशों तक पहुंचा जाएगा।
- सतेंद्र कुमार एसएचओ अर्बन एस्टेट