दिल्ली बाईपास पर मंगलवार सुबह भवन सील करने को लेकर हंगामा हो गया। बिल्डिंग में लीज पर चल रहे निजी अस्पताल के संचालक ने आरोप लगाया कि अधिकारी दबाव में आकर उसको परेशान कर रहे हैं। काफी बहस के बावजूद निगम की टीम दोपहर तीन बजे भवन सील करने में कामयाब रही। चार मरीजों का ऑपरेशन होना था, ऐसे में उन्हें दूसरे अस्पतालों में भेजना पड़ा।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे निगम के संयुक्त आयुक्त विजय सिंह, तहसीलदार मनोज कुमार, बिल्डिंग ब्रांच के एटीपी तिलकराज अपनी पूरी टीम व पुलिस बल के साथ दिल्ली बाईपास पर पहुंचे और एक भवन में चल रहे ह्रदय निलायम अस्पताल के संचालक डॉ. विकास सरोहा से बात की।
कहा गया कि कि भवन का नियमों को ताक पर रखकर निर्माण किया गया है। साथ ही टैक्स भी बकाया है इसलिए इसे को सील किया जाएगा। ऐसे में मौजूद मरीजों और दूसरे लोगों को बाहर किया जाए। डॉ. विकास ने इसका कड़ा विरोध किया। बोले, यह सब सत्ता पक्ष के दबाव में किया जा रहा है।
क्योंकि यह भवन नेता के एक रिश्तेदार का है, जो उनको लगातार परेशान कर रहे हैं। अदालत में केस चल रहा है, इसके बावजूद नगर निगम कार्रवाई कर रहा है। इतना ही नहीं, डाॅक्टर ने निगम अधिकारियों से आदेशों की कॉपी मांगी, लेकिन अधिकारी चुप्पी साधे रहे।
आरोप-बिना नियम निर्माण चल रहा था, तब कहां गए थे अधिकारी
डॉक्टर ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस समय यह भवन बनाया जा रहा थ, निगम को उसी समय इस पर ध्यान देना चाहिए था। अगर नियम ताक पर रखकर फ्लोर का निर्माण किया जा रहा था तो निगम ने काम क्यों नहीं रुकवाया। अस्पताल के चौथे फ्लोर पर ऑक्सीजन प्लांट लगा है। इसे सील करने के बाद से मरीजों को दिक्कत झेलनी पड़ेगी। हर तरह का टैक्स हर महीने देते हैं, इसके बावजूद ओटी समेत अन्य एरिया को भी सील कर दिया है। कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
निगम का तर्क-12 लाख प्रॉपर्टी टैक्स बकाया, बिल्डिंग प्लान पास करवाए बगैर किया काम
निगम के एक अधिकारी ने बताया कि भवन का 12 लाख के करीब प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। साथ ही नक्शा पास करवाए बगैर भवन का निर्माण किया गया। इस कारण भवन के तीन फ्लोर और पार्किंग सील कर दी है। हालांकि अधिकारिक तौर पर निगम के आला अधिकारी बताएंगे। निगम के आला अधिकारी कुछ भी बता रहे हैं।
दोपहर निगम कार्यालय पहुंचा, पूछा कि अधिकारी कहां है। बताया गया कि सीलिंग पर गए हैं। दिल्ली बाईपास चौक पर हुए विवाद का मामला उनके नोटिस में नहीं है। न ही किसी अधिकारी ने अवगत कराया।
-मनमोहन गोयल, मेयर निगम