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ऑफिस पर कब्जे को लेकर रोडवेज कर्मचारी नेताओं में लाठी-डंडे चले 

Fri, 16 Sep 2016 02:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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एक-दूसरे पर किया हमला - फोटो : अमर उजाला
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बस अड्डे पर बृहस्पतिवार सुबह ऑफिस पर कब्जे को लेकर रोडवेज कर्मचारी नेताओं में संघर्ष हो गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। कर्मचारियों के बीच मारपीट और यात्रियों की भगदड़ के बीच स्थिति बिगड़ते देख चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने भारी पुलिस बल बुलाया। स्थिति को काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस तक छोड़ने पड़ गए। इस दौरान दोनों पक्षों के करीब 10 कर्मचारी नेता घायल हुए। घायलों को पीजीआई और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं एक पक्ष ने जीएम को शिकायत सौंपी, जिसे पुलिस को दिया गया।  
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नया बस अड्डे पर बृहस्पतिवार सुबह लगभग नौ बजे कर्मचारी नेताओं के दो पक्षों में संघर्ष शुरू हो गया। बस स्टैंड पुलिस चौकी पर मौजूद पुलिस कर्मी भी वहां पहुंचे, लेकिन उनके सामने ही कर्मचारी नेता आपस में लाठी-ड़डे लेकर भिड़ गए। जिससे बस स्टैंड पर मौजूद यात्रियों में भगदड़ मच गई और वहां हालात बिगड़ने शुरू हो गए।

इसको देखते हुए ही भारी पुलिस बल बुलाकर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। वहां एक गोला मिस होने के बाद दो गोले फिर छोड़े गए, जिससे स्थिति काबू हुई। इस संघर्ष में हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ पक्ष के पूर्व प्रधान जयप्रकाश बेनिवाल, प्रवीण अहलावत, पूर्व वरिष्ठ उप प्रधान रामफ ल देशवाल समेत दो घायल हो गए। इंडट पक्ष के सुमेर कुंडू, आनंद हुड्डा, आनंद खिड़वाली, रामकरण हुड्डा, महावीर मलिक घायल हुए। इन सभी को पीजीआई व सिविल अस्तपाल में भर्ती कराया गया। 
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ये था मामला
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सरबत पूनिया, महासचिव धर्मबीर हुड्डा ने बताया कि पिछले 30 साल से उनका प्रदेश कार्यालय बस अड्डा परिसर में मौजूद है। उनका कहना है कि उनकी यूनियन के डिपो प्रधान महावीर मलिक, पूर्व प्रधान रमेश, जितेंद्र, रामकरण, सुमेर आदि को चार दिन पहले अनुशासनहीनता के चलते संघ से निकाल दिया गया था।

जिसके बाद उन्होंने इंटक को ज्वाइन कर लिया और उनके संघ के कार्यालय पर कब्जा कर लिया। उनके संघ की बृहस्पतिवार को कार्यालय पर मीटिंग होनी थी और वह मीटिंग करने के लिए पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद कई लोगों ने उन पर हमला बोल दिया। जिसमें कई कर्मचारी नेता घायल हो गए है। वहीं इंटक के नेता महावीर मलिक का कहना है कि जिस कार्यालय पर कब्जे का आरोप लगाया जा रहा है, वह उनको मिला हुआ है और उनके पास पूरे दस्तावेज हैं। वह कार्यालय में मौजूद थे और उसको जबरन खाली कराने के लिए कुछ कर्मचारी लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंचे, जहां उन पर हमला बोल दिया गया। महावीर मलिक का कहना है कि इस संबंध में जीएम रोडवेज और पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी गई है। महावीर मलिक का यह भी कहना है कि दूसरे वालों की मीटिंग हमेशा सर्व कर्मचारी संघ के भवन में होती थी, लेकिन झगड़ा करने के लिए वह यहां आए थे।

हथियार लेकर पहुंचने का आरोप
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के महासचिव धर्मबीर हुड्डा का आरोप है कि महावीर मलिक गुट के लोग एक कार लेकर आए थे। उस कार में लाठी डंडे थे, जिसको पुलिस ने चेक नहीं किया। जिसके बाद वह कार लेकर फरार हो गए। जबकि दूसरे पक्ष के महावीर हुड्डा का कहना है कि कार में कुछ नहीं था। कार खाली थी और यह आरोप गलत है।

शिकायत पुलिस को भेजी
कर्मचारी नेताओं के बीच कार्यालय को लेकर झगड़ा हुआ है और मेरे पास एक पक्ष की शिकायत आई है। उस शिकायत को मैने सीधे पुलिस के पास भेज दिया है, क्योंकि इस मामले में पुलिस जांच करेगी। वहीं उच्च अधिकारियों के पास इन सभी की रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिससे वहां से कार्रवाई हो सके। 
राहुल जैन, जीएम रोडवेज

बयान लिए गए है
बस अड्डे पर कर्मचारियों के दो पक्ष आपस में भिड़ गए थे, जहां कर्मचारियों की संख्या ज्यादा थी और उन्होंने आते ही मारपीट शुरू कर दी। इस मामले में सभी के बयान लिए गए है, जिससे मुकदमा दर्ज किया जा सके। इस मामले में सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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 देवेंद्र, एसएचओ अर्बन एस्टेट
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