प्लाट की निशानदेही के लिए 10 हजार की घूस मांगने वाले पटवारी को विजिलेंस ने रंगे हाथों दबोच लिया।
राज्य चौकरी ब्यूरो में पीड़ित की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। राज्य चौकरी ब्यूरो रोहतक के प्रवक्ता के मुताबिक वसंत विहार निवासी दुकानदार संदीप ने सोमवार को शिकायत दर्ज कराई कि कबीर कॉलोनी रोहतक में उसने एक प्लाट खरीदा है।
इस प्लाट पर लोन लेने के लिए फाइल बैंक में चलाई है। बैंक की ओर से प्लाट की निशानदेही कराने की बात कही गई। संदीप ने ब्यूरो में निरीक्षक अजायब सिंह को दी शिकायत में कहा कि निशानदेही कराने की दरख्वास्त लेकर वह भू-अर्जन कार्यालय गया।
यहां पटवारी सुरेश कुमार से मिला। आरोप है कि पटवारी ने निशानदेही करने की एवज में 10 हजार रुपये मांगे। संदीप की शिकायत पर चौकसी ब्यूरो ने मामला दर्ज कर लिया गया। इसके बाद निरीक्षक अजायब सिंह के नेतृत्व में छापामार टीम का गठन किया गया।
डीसी डीके बेहेरा को मामले की जानकारी दी गई। उन्होंने खंड विकास अधिकारी और पंचायत अधिकारी राकेश संधू को ड्यूटी मजिस्ट्रेट और उनके कार्यालय के लेखा लिपिक हरपाल सिंह को छाया गवाह नियुक्त किया। छापामार पार्टी ने सोमवार शाम को संदीप को पाउडर लगे नोट देकर पटवारी सुरेश कुमार के पास भेज दिया। संदीप ने पाउडर लगे नोट पटवारी को दिए और इशारा मिलते ही टीम ने पटवारी को पकड़ लिया। उसके पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली। पटवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।