शव मिलने के दूसरे दिन भी दसवीं की छात्रा की मौत का राज नहीं खुला। हालांकि, अब तक की पुलिस जांच में पता चला है कि छात्रा और आरोपी छात्र के बीच करीब डेढ़ साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस का कहना है कि दोनों ने शादी का प्रयास किया था, लेकिन दस्तावेज में नाबालिग होने के कारण शादी नहीं हो सकी। जांच अधिकारी धर्मबीर ने बताया कि छात्रा ने अपने दाहिने हाथ पर आरोपी छात्र का नाम लिखवाया था।
पुलिस पूछताछ में आरोपी छात्र ने बताया कि 26 दिसंबर को उसे छात्रा ने सांपला बुलाया था। दोनों ने खरावड़ के एक होटल में खाना खाया था। बातचीत के बाद छात्रा को दिल्ली बाईपास पर छोड़ दिया था। पुलिस का कहना है कि छात्र ने छात्रा से प्र्रेम प्रसंग की बात कबूली है। अब पुलिस छात्रा के लापता होने के दिन की छात्र की लोकेशन का पता लगाएगी। जांच अधिकारी धर्मबीर ने बताया कि छात्रा और आरोपी छात्र ने तीन बार जन्म प्रमाणपत्र से संबंधित दस्तावेज जुटाए थे। लेकिन कई वजहों से उनकी शादी नहीं हो सकी। इस संबंध में दोनों ने अपने परिजनों को कुछ नहीं बताया था। पुलिस का कहना है कि छात्रा के परिजनों को दोनों के प्रेम प्रसंग के बारे में जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इस संबंध में छात्रा से कोई बात नहीं की।
पुलिस के रडार पर सरपंच का एक करीबी और छात्र के सहपाठी
पुलिस के रडार पर सरपंच का एक करीबी और आरोपी छात्र के सहपाठी हैं। सूत्रों की मानें तो आरोपी छात्र के सहपाठी कई बार छात्रा से मिल चुके थे। अपहरण के दिन भी ये छात्रा के पीछे पड़े थे। हालांकि, सभी के नाबालिग होने के कारण पुलिस इन पर शक नहीं कर रही है। मगर पुलिस की शक की सुई सरपंच के एक करीबी पर है। वह पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रह चुका है। पुलिस सभी को जांच में शामिल करेगी।
आमने- सामने
मेडिकल बोर्ड को नहीं मिली सीन ऑफ क्राइम की रिपोर्ट, न फोटो- डॉ एसके धत्तरवाल
पीजीआई के सीनियर प्रोफेसर, फोरेंसिक विभाग के प्रभारी और स्टेट मेडिको लीगल एडवाइजर कमेटी के चेयरमैन डॉ. एसके धत्तरवाल का कहना है कि पुलिस ने छात्रा के शव के पोस्टमार्टम से पहले न तो सीन ऑफ क्राइम की रिपोर्ट दी, न ही मौके के फोटो मुहैया करवाए। इस कारण छात्रा की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। छात्रा का शव भी करीब दस दिन पुराना था। इससे भी पता नहीं चल सका कि मौत कैसे हुई। जांच के लिए विसरा लैब भेजा गया है। जब पुलिस सीन ऑफ क्राइम की रिपोर्ट देगी तो तथ्य सामने आएंगे।
सिर में चोट के कारण मौत : जांच अधिकारी
छात्रा की मौत मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी धर्मबीर सिंह का कहना है कि मेडिकल बोर्ड को मौके के सभी फोटो उपलब्ध करवा दिये गए थे। क्राइम सीन के बारे में भी बताया गया था। डॉक्टरों का कहना है कि ब्रेन डैमेज होने के कारण मौत हुई है। छात्रा के सिर में करीब पांच चोट के निशान मिले हैं।
पहले सहेली फिर दोस्त से की बात
लापता होने वाले दिन छात्रा ने अपने दोस्त से बात की थी। इसका दावा परिजनों ने दो कॉल रिकार्डिंग देकर किया है। छात्रा पहले सहेली के घर पहुंची। सहेली के नहीं मिलने पर उसने उसकी मां के मोबाइल से पहले सहेली फिर दोस्त से बातचीत की है।
पहली कॉल में सहेली से बातचीत के अंश
छात्रा : हैलो
सहेली : हां, बोल
छात्रा : यार मैं कुछ काम से आई थी
सहेली : अच्छा
छात्रा : मुझे किसी से मिलना था। मेरे पीछे कुछ लड़के थे। मतलब, हमारे ही गांव के। लेकिन मैं मिल नहीं पाई।
सहेली : मतबल, लड़के से मिलना है? अच्छा।
छात्रा : मैं कै से मिलूं?
सहेली : मतलब, लड़के से मिलना है?
छात्रा : हां, मुझे अपने ब्वॉयफ्रें ड से मिलना है।
सहेली : अच्छा!
छात्रा : बता न यार कुछ तो बता!
सहेली : यार में क्या बताऊं?
छात्रा : आंटी को बोल ना।
सहेली : यार मैं आंटी को कैसे बताऊं कि तेरे पीछे लड़के पड़े हैं?
छात्रा : क्या मैं तेरे फोन से कॉल कर लूं?
सहेली : किसको?
छात्रा : अपने ब्वॉयफ्रेंड को।
सहेली : कर ले, मम्मी से पूछ ले, फिर कर ले।
छात्रा : अभी कर लूं, एक बार?
सहेली : मम्मी से बात करा।
छात्रा : मम्मी से क्या बोलेगी तू? क्या बात करेगी मम्मी से? हैलो, क्या बोलेगी मम्मी को?
सहेली : मैं कहूंगी कि मम्मी इसे बात करने दो।
छात्रा : ले, आंटी से बात कर।
सहेली : हैलो आंटी
(आगे की बातचीत कट जाती है)
छात्रा की आरोपी छात्र से की गई बातचीत के अंश
छात्रा : गली के अंदर आ जा तू।
आरोपी छात्र : (छात्र कुछ नहीं बोला। केवल उसके दोस्तों के हंसने की आवाज आती है। इसी बीच छात्र कुछ बोलता है जो समझ में नहीं आता।)
छात्रा : क्या?
आरोपी छात्र : (आरोपी छात्र फिर कुछ बोलता है, लेकिन समझ में नहीं आता।)
छात्रा : यार बस तू गली के अंदर आ जा एक बार।
आरोपी छात्र : (कहीं और आने की बात कहता है जो समझ में नहीं आती।)
छात्रा : यार, बस तू आ जा।
आरोपी छात्र : आ जा नै।
छात्रा : कहां पे? (दूसरी तरफ से कोई आवाज नहीं आती तो छात्रा फिर कहती है कि यार, तू बस गली के अंदर आ जा, एक बार।)
आरोपी छात्र : (छात्रा को कहीं पर बुलाता है, लेकिन आवाज समझ में नहीं आती।)
छात्रा : बस, तू आ जा यार।
आरोपी छात्र : हैलो आ जा नै।
छात्रा : कहां पै?
आरोपी छात्र : दो गली है यहां पै। (उधर से कोई आवाज नहीं आती तो छात्र फिर कहता है कि दो गली हैं यार, यहां पर।)
छात्रा : मैं सड़क पर खड़ी होकर हाय करूं? (थोड़ी देर बाद) ये पहला पेट्रोल पंप है न, ब्लू वाला।
आरोपी छात्र : हां, उसके बिल्कुल सामने है या थोड़ी आगे?
छात्रा : कतई सामने है। मैं देखकर बताती हूं। हां, कतई सामने जो गली है।
आरोपी छात्र : ठीक है।
छात्रा : जल्दी आ। हां, यही है, यही है, ओए। यही है, जिसमें तू खड़ा है।
आरोपी छात्र : सामने यार, गली में बाहर आ जा नै।
छात्रा : नहीं, गली में बहुत लोग हैं। यहां ब्लू कलर का ट्रैक्टर खड़ा है। रुक... दिखा। (थोड़ी देर बाद हंसते हुए कहती है कि यार वो ट्रैक्टर चल पड़ा) हां, इसी गली में रुक जा, मैं आती हूं।
(इसके बाद कॉल कट जाती है)
पुलिस बोली, पांच रुपये का प्रसाद बांट दे बेटी मिल जाएगी
छात्रा के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये हैं। छात्रा की मां का कहना है कि वह अपनी बड़ी बेटी के साथ थाने में बेटी को तलाश करने की गुहार लगाने गई थी। यहां पर एक महिला एएसआई और एसआई मौजूद थे। आरोप है कि जब मां ने बेटी को तलाश करने की बात कही तो एसआई ने कहा कि पांच रुपये का प्रसाद बांट दे, तेरी बेटी मिल जाएगी। यह भी कहा कि पुलिस के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है। जो एक मिनट में पता लगा दे कि तेरी बेटी कहां है।
पुलिस कार्रवाई की भी जांच : डीएसपी
डीएसपी विजय जाखड़ का कहना है कि जिन पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाए जा रहे हैं उनकी भी जांच की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।