सेवा, सुरक्षा और सहयोग का नारा देने वाली पुलिस फिर विवादों में है। दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज कराकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह में पुलिस के कई अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं। इनमें एक थाना और चौकी प्रभारी का नाम भी शामिल है। वहीं, पुलिस ने बुधवार को हिसार की एक महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को पुलिस ने गिरोह के सरगना दंपति को गिरफ्तार किया था। चारों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मामले में स्थानीय पुलिस ने अभी तक किसी पुलिस कर्मी को नहीं गिरफ्तार किया है।
इन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथ थी गिरोह की डोर
रेप का आरोप लगाकर वसूली करने वाले गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार करके पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो पुलिस का ही चेहरा बेनकाब हो गया। गिरोह में पुलिस के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है। जांच-पड़ताल मेें पता चला है कि हिसार में कार्यरत हेड कांस्टेबल विनोद कुमार गिरोह के सदस्यों से लगातार संपर्क में रहता था। वह किसी भी मामले में संबंधित जांच अधिकारी से संपर्क करता था। जींद में हुई ऐसी ही दो वारदात में शहर जींद थाने में तैनात एक एसआई और पटियाला पुलिस चौकी प्रभारी का नाम सामने आया है। इन पुलिस अधिकारियों से भी हेड कांस्टेबल विनोद ने संपर्क किया था। चंडीगढ़ पुलिस का एक सेवानिवृत्त एसआई बलबीर सिंह भी समझौते में गिरोह के सदस्यों का सहयोग करता था। भिवानी में हुई इसी तरह की वारदात में एक थाना इंचार्ज का नाम सामने आ रहा है। इसी तरह रोहतक में हुई घटना में भी एक पुलिस कर्मचारी शामिल है। मामले की जांच की जा रही है। इसके अलावा अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आ रही है। हालांकि पुलिस ने कुछ पुलिस कर्मचारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किये हैं।
चार साल से सक्रिय है गिरोह
पुलिस ने बताया कि रेप का आरोप लगाकर ब्लैकमेल कर लाखों ऐंठने वाला गिरोह वर्ष 2012 से प्रदेश में सक्रिय है। गिरोह के सदस्य हर जिले में सक्रिय हैं। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार चारों आरोपियों ने बताया कि उनके गिरोह में कई दंपति शामिल हैं। इन्होंने गिरोह में कुछ लड़कियों को भी शामिल कर रखा है। सभी का काम शारीरिक संबंध बनाकर लोगों को ब्लैकमेल करना है।
16 वारदात में से 14 में कर चुके हैं ब्लैकमेल
पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य अभी तक 16 वारदात में शामिल होना कबूल कर चुके हैं। इनमें से 14 में इन्होंने समझौते के नाम पर लाखों रुपये ऐेंठे हैं। लेकिन अभी तक केवल दो ही मामलों में केस दर्ज किया गया है। गिरोह ने जिले में तीन वारदात करना कबूल किया है। इनमें शोरी मार्केट, महम और शहर थानाक्षेत्र की वारदात शामिल है। जींद में दो वारदात की हैं। गोहाना, पानीपत, (करनाल), कुरुक्षेत्र, सोनीपत और भिवानी में भी वारदात कर रखी हैं।
तीस हजार से पांच लाख तक पहुंचती थी समझौते की रकम
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह अपने जाल में फंसाकर लोगों से तीस हजार से लेकर पांच लाख रुपये तक की रकम हड़पते थे। यदि आरोपियों का शिकार अच्छे परिवार से ताल्लुक रखता था तो उससे लाखों में रकम वसूल की जाती थी। रकम आने के बाद गिरोह के सदस्य आपस में बंटवारा करते थे। समझौते के लिए आरोपियों की ओर से पुलिस, वकील व अन्य लोगों से मदद ली जाती थी। यह लोग भी गिरोह में शामिल थे। समझौते के बाद इन्हें भी हिस्सा हिस्सा दिया जाता था।
गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए दो अलग-अलग टीमों का गठन किया गया हैं। देर रात छापेमारी कर दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
- डॉ. रविंद्र डीएसपी।