पीसीआर में बैठकर खुद को गोली से उड़ाने वाला ईएचसी कृष्ण कुमार अपनी पत्नी और उसके मायके वालों से तंग आ गया था। डीघल निवासी पुलिसकर्मी को उसकी पत्नी और उसके मायके वाले झूठे केस में फंसाकर रुपये ऐंठना चाहते थे। मामले में झज्जर के गांव कबलाना निवासी उसकी पत्नी पिंकी, दोनों साले सोनू व नवीन और ससुर राजेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मृतक के भाई अनूप की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
जांच अधिकारी प्रमोद कुमार के अनुसार कृष्ण की पत्नी पिंकी उस पर व उसके परिवार के अन्य सदस्यों पर झूठा केस दर्ज करवाने धमकी देकर रुपये की मांग करती थी। साजिश में पिंकी के परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल थे। मामले को लेकर पहले भी दोनों परिवारों में अनबन हो चुकी थी। फिर पंचायती तौर पर राजीनामा हो गया था। यह सारी बातें पुलिस को दी गई शिकायत में लिखी गई हैं।
पुलिस सूत्रों की मानें तो दोनों परिवारों के बीच पहले भी एक केस दर्ज हो चुका है। हालांकि अभी यह बात स्पष्ट नहीं हो सकी है। एसआई प्रमोद ने बताया कि आरोपों की जांच पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि पारिवारिक विवाद में पंचायती तौर पर भी राजीनामे का प्रयास किया गया था। लेकिन विवाद बढ़ने के कारण पत्नी फिलहाल मायके गई हुई थी। कृष्ण के दो बच्चे हैं।
ये था मामला
झज्जर चुंगी पर ड्यूटी कर रहे गांव डीघल निवासी ईएचसी कृष्ण कुमार (35) ने शुक्रवार शाम को खुद को गोली से उड़ा दिया था। सिपाही ने पीसीआर में बैठे-बैठे ही सिर और छाती में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वारदात सर्विस रिवाल्वर से अंजाम दी गई थी। कृष्ण कुमार होली मनाने के बाद शुक्रवार को ही अपने गांव डीघल से ड्यूटी पर पहुंचा था। कृष्ण कुमार वर्तमान में शिवाजी कॉलोनी थाने में तैनात था। कृष्ण कुमार की ड्यूटी थाने की पीसीआर नंबर 9 में चालक के रुप में लगी थी।