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वर्चस्व की जंग में बवाल की आशंका पर उद्घाटन से पहले उखाड़ा पत्थर, फोर्स तैनात

Mon, 07 Sep 2015 02:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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वाल्मीकि समुदाय में वर्चस्व की जंग कोई गुल खिला सकती है। इसकी आशंका के चलते वाल्मीकि छात्रावास के कम्यूनिटी सेंटर के उद्घाटन के लिए लगाई गई शिला नगर निगम प्रशासन ने पुलिस फोर्स की मौजूदगी में तुड़वा दी। सेंटर का उद्घाटन रविवार को सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को करना था।
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शिला (पत्थर) पर सांसद  हुड़्डा और अन्य माननीयों के साथ दरवाजा मोहल्ला पुरानी मंडी के राजेश बोहत ने अपना नाम भी डलवा लिया था। समाज के तमाम लोग इसका विरोध कर रहे थे। बात बिगड़ने के डर और कलानौर विधायक शकुंतला खटक के दबाव के बाद निगम ने उद्घाटन से ठीक पहले पत्थर तुड़वा दिया। सांसद तक भी विवाद की सूचना पहुंची और वे भी उद्घाटन के लिए नहीं आए।

वाल्मीकि छात्रावास के कम्यूनिटी सेंटर के जीर्णोद्धार के लिए जब ग्रांट मंजूर हुई तो इस राशि से नया उद्घाटन पत्थर और प्लेट भी बनवाई गई लेकिन दो पक्षों में विवाद के चलते सब खटाई में पड़ गया। समाज के मुख्य संरक्षक सत्यवान सत्ते ने बताया कि यहां डेरा और छात्रावास प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जोगेंद्र प्रधान हैं। दूसरी तरफ दरवाजा मोहल्ला पुरानी सब्जी मंडी के  राजेश बोहत इस पर अपनी चौधर चलाना चाहते हैं।  शनिवार को जोगेंद्र प्रधान ने उद्घाटन पत्थर लगवाया तो इसमें सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, राज्य सभा सांसद शादी लाल बतरा, विधायक शकुंतला खटक, पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा, विधायक जयबीर वाल्मीकि के साथ राजेश बोहत और सुरेंद्र बोहत के नाम देख समाज के लोग विरोध करने लगे।
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इस पर पुरानी सब्जीमंडी थाने में भी बहस हुई थी। विवाद सुलझा नहीं था और रविवार को सांसद को उद्घाटन के लिए आना था। इसलिए बवाल की आशंका पर रविवार को डीएसपी वीरेंद्र, डीएसपी पवन कुमार और डीएसपी दहिया तथा एसएचओ सिविल लाइन नवीन कुमार, एसएचओ पीजीआई कुलदीप, एसएचओ शिवाजी कॉलोनी गजेंद्र सिंह, एसएचओ थाना पुराना सब्जी मंडी प्रवीण कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। समाज की ओर से महासभा प्रधान श्यामलाल, बधवा नाथ महाराज, जोगेंद्र प्रधान, अशोक थोरिया, डॉ. बलवान भी उपस्थित रहे।

 तैयारी थी भिड़ंत की
वर्चस्व को लेकर दो पक्षों में तनातनी के खूनी जंग में बदलने की आशंका थी। इस अंदेशे पर पुलिस ने पहले ही व्यवस्था कर ली थी। सुबह बातचीत के दौरान एक बार तो पुलिस और समाज के पदाधिकारियों में गरमागरमी भी हुई, लेकिन डीएसपी की सूझबूझ और विधायक के दबाव के चलते हंगामा होने से बच गया।

 विधायक शकुंतला खटक ने जेई को लगाई फटकार
कलानौर विधायक शकुंतला खटक ने नगर निगम के जेई अजय को यह कहते हुए फटकार लगाई कि सारे विवाद की जड़ वही हैं। उन्हें पहले से लगे पत्थर को हटाने की क्या जरूरत थी। नगर निगम के एटीपी केके वार्ष्णेय ने विधायक को समझा बुझा कर शांत किया।
 
निगम ने तुड़वाया उद्घाटन पत्थर, नहीं पहुंचे सांसद दीपेंद्र
एक तरफ भवन के उद्घाटन किए जाने का समय हो रहा था, दूसरी ओर निगम अधिकारी विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए उद्घाटन पत्थर को तुड़वा रहे थे। पत्थर तोड़ने का कार्य कड़ी सुरक्षा के बीच किया गया। विवाद भड़कने के डर से मीडिया व वाल्मीकि समाज के लोगों को भी पत्थर तोड़ने के दौरान दूर रखा गया। इसके बाद पत्थर को कंबल में ढककर परिसर से बाहर छिपा कर ले जाया गया। वहीं मौके पर शकुंतला खटक ने बताया कि अब सांसद व अन्य लोग उद्घाटन के लिए नहीं पहुंचेंगे। उनका कार्यक्रम रद हो गया है।

राजेश बोहत का आरोप
जो लोग विरोध कर रहे हैं उनका वाल्मीकि एजुकेशन सोसायटी से कोई लेना-देना नहीं है। ये लोग पत्थर पर उनका (राजेश का) नाम नहीं लिखने देना चाहते हैं। 31 अगस्त को भी इन लोगों ने नाम को  लेकर विवाद किया था, जिसकी शिकायत डीएसपी हेडक्वार्टर वीरेद्र सिंह से की गई थी।

राजेश पर लगाया आरोप
समाज के मुख्य संरक्षक सत्यवान ने राजेश बोहत पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजेश को इस लिए पसंद नहीं किया जा रहा कि वह दूर के रहने वाले हैं। दूसरे वाल्मीकि महासभा के लिए धर्मशाला बनाने के लिए विधायक जयबीर वाल्मीकि ने 1 लाख 51 हजार एक बार और बाद में पांच लाख रुपये की ग्रांट दी थी। इसमें उसने गड़बड़ी की। इसके साथ ही नाथों की नवमी मनाई जाती है, लेकिन राजेश ने जयंती मना कर आडंबर रचने का प्रयास किया। महात्मा सदानाथ के नाम पर पैसा वसूला गया। इस पर सारा समाज राजेश के खिलाफ है।

बोले अधिकारी
अभी कम्यूनिटी सेंटर का काम जारी है। 20 फीसदी काम अभी और होना है। किसी भी दुर्घटना होने की आशंका के चलते यहां उद्घाटन करने की हम अभी मंजूरी नहीं दे सकते।
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- केके वार्ष्णेय, एटीपी, नगर निगम

बढ़ते विवाद को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट के निर्देशों पर धारा 144 लगाई गई है। कानून किसी को हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।
- दलबीर सिंह, एसडीएम
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