कोल्ड ड्रिंक और पैसे मांगने पर पुलिस पर मारपीट और कपड़े फाड़ने का आरोप लगाने वाली महिला खुद ही फंस गई है। पुलिस ने उसे दो आरोपियों को ड्रग देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की मानें तो महिला की दुकान से गांजा और चरस भी बरामद हुआ है। महिला को बृहस्पतिवार शाम को ही कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इधर, महिला के परिजनों ने एसपी ऑफिस तक गुहार लगाई और पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया।
बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे इंदिरा कॉलोनी चौकी पर कुछ लोग हंगामा करने पहुंचे। महिला सरोज ने आरोप लगाया कि उसकी हिसार रोड स्थित करतारपुरा चौक पर किरयाणा की दुकान है। दोपहर साढ़े 12 बजे तीन चार पुलिसकर्मी सादी वर्दी में आए और दुकान से कोल्ड ड्रिंक और सिगरेट ली। पैसे मांगे तो पुलिसकर्मी होने का रौब दिखाया और मारपीट शुरू कर दी। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने खुद को सीआईए से बताया और उसके कपड़े फाड़ दिए।
जमकर किया हंगामा
इंदिरा नगर पुलिस चौकी पहुंचे लोगों ने चौकी के बाहर जमकर हंगामा किया और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। यहां जद्दोजहद के बाद पुलिस महिला और उसके परिजनों को अपनी गाड़ी में थाने ले आई। यहां डीएसपी पवन कुमार ने महिला की शिकायत सुनी।
लेकिन कुछ देर बाद ही मामला पलट गया और पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया। इससे परिजनों में हड़कंप मच गया। परिजन और कुछ अन्य लोग शाम को एसपी ऑफिस पहुंचे और पुलिस पर आरोप लगाया। हालांकि एसपी शशांक आनंद से मुलाकात नहीं हुई और पुलिसकर्मियों ने उन्हें डीएसपी से मिलने का सुझाव देकर लौटा दिया।
यूं पलटा मामला
सिटी थाना एसएचओ नवीन कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले आर्य नगर में एक व्यक्ति की स्कूटी में ड्रग रखने का मामला सामने आया था। पुलिस ने बुधवार को इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने ड्रग करतारपुरा की सरोज देवी से ही ली थी। सीआईए के जवान इसी आधार पर आगे की कार्रवाई के लिए महिला की दुकान पर गए थे।
पुलिस के पहुंचने पर महिला वहां से भाग गई। यहां से पुलिस को 100 ग्राम गांजा और 20 ग्राम चरस मिली। पुलिस ने इसका अलग से पर्चा दाखिल कर लिया। इस आधार पर महिला को हिरासत में लिया गया। एसएचओ नवीन ने बताया कि शाम को महिला को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में सुनारिया जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार करने गए तो महिला पुलिसकर्मी को क्यों नहीं ले गए
पुलिस की कार्रवाई में भी कई पेंच फंसते नजर आ रहे हैं। कहा यह जा रहा है कि पुलिस महिला को गिरफ्तार करने गई थी, लेकिन जो पुलिसकर्मी महिला की दुकान पर गए थे, उनके साथ कोई भी महिला पुलिसकर्मी नहीं थी। महिला ने सरेआम कपड़े फाड़ने और उठाकर ले जाने की कोशिश का आरोप लगाया है। जबकि पुलिस का कहना है कि महिला अपने बचाव में ऐसे आरोप लगा रही है। पूरे मामले में एसपी शशांक आनंद का कहना है कि जांच करा ली जाएगी।