रोहतक में हाइवे किनारे पड़ी मिली एक दिन की नवजात बच्ची
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लाखनमाजरा के पास गांव इंद्रगढ़ के निकट शुक्रवार को झाड़ियों में मिली एक दिन की नवजात बच्ची ने रविवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। पीजीआईएमएस के निक्कू विभाग में भर्ती मासूम को बचाने का डॉक्टरों ने भरसक प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। वहीं, मालूम नहीं किन वजहों से कठोर बने मां-बाप तीसरे दिन भी सामने नहीं आए।
मासूम की मौत के साथ ही समाज में बेटियों की स्थिति फिर खुलकर सामने आ गई। कहीं बेटियाें का कत्ल कोख में किया जा रहा है तो कहीं पैदा होने के बाद झाड़ियों में फेंक दिया जा रहा है। इसी का उदाहरण बनी इंद्रगढ़ के पास झाड़ियों में मिली नन्हीं परी। पुलिस प्रशासन दो दिन तक खाक छानकर भी मासूम बच्ची के परिजनों का पता नहीं लगा सका। स्वास्थ्य खराब होने के कारण मासूम को वेंटिलेटर पर रखा गया था। बाल रोग विशेषज्ञ लगातार उसकी निगरानी कर रहे थे। लेकिन संक्रमण बढ़ जाने के कारण नन्हीं जान को नहीं बचाया जा सका।