फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीतू हत्याकांड ः एसआईटी ने कराया प्रधानाचार्य और उसके बेटे का लाई डिटेक्टर टेस्ट

Thu, 13 Apr 2017 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
परिजन बोले : पुलिस न्याय नहीं दिला सकी प्रशासन रोजी रोटी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
शहर का बहुचर्चित नीतू हत्याकांड पुलिस के गले की फांस बन गया है। मामले की तह तक जाने के लिए एसआईटी ने प्रधानाचार्य और उसके बेटे का लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाया है। क्योंकि मृतका के परिजनों ने प्रधानाचार्य व एक अन्य महिला पर नीतू की हत्या का शक जाहिर किया था। जब पुलिस के पास टेस्ट की रिपोर्ट आई तो इसमें सब कुछ सामान्य मिला। दोनों से नीतू के घर आने व घर से जाने के समय व उसे बुलाने के उद्देश्य से संबंधित सवाल पूछे गये थे। मगर लाई डिटेक्टर टेस्ट में केस से जुड़ा कोई भी मुख्य बिंदु सामने नहीं आ सका। जिससे यह कहा जा सके कि हत्या में मां बेटे की कोई संलिप्तता थी। वहीं, पुलिस ने वारदात के दिन की प्रधानाचार्य व उनके परिवार की लोकेशन का भी पता लगाया। जांच में पता चला कि वारदात के दिन प्रधानाचार्य अपने परिवार के साथ सालासर में थी। अब पुलिस ने केस की फाइल पर अनट्रेस लिखने की तैयारी कर ली है। क्योंकि दस महीने होने के बाद भी केस में कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
विज्ञापन

 
नीतू का मोबाइल अभी तक राज

नीतू का मोबाइल आज तक पुलिस के लिए राज बना हुआ है। उसके मोबाइल के बारे में पुलिस को अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। वारदात की सुबह नीतू के मोबाइल की लोकेशन उसके घर की है। इसके बाद उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी। जांच में सामने आया है कि वारदात के दिन नीतू के मोबाइल पर कोई भी कॉल नहीं आई थी।

फैमिली कनेक्शन पर भी हुई जांच

हर बिंदु पर जांच करने के बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करने के लिए उसके फैमिली कनेक्शन पर भी जांच की। परिवार के कुछ सदस्यों से पूछताछ की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने उस जगह की भी रेकी करवाई है जिसके आसपास नीतू का शव मिला था। झाड़ियों का क्षेत्र होने के कारण पुलिस को नशा करने वालों पर शक था। जब यहां करीब एक सप्ताह तक रेकी की गई मगर कोई सफलता हाथ नहीं आई।
विज्ञापन

 
तीन डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर की जांच के बाद परिणाम शून्य

नीतू हत्याकांड की जांच अभी तक तीन डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिस अधिकारी कर चुके हैं। लेकिन परिणाम शून्य है। एसआईटी का भी गठन किया गया। इतना ही नहीं तत्कालीन एसपी शशांक आनंद के नेतृत्व में भी जांच की गई। एसपी ने ही नीतू की हत्या की पुष्टि की थी। इसके बाद संदिग्धों से पूछताछ की गई, मगर आज तक कोई भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस मामले में एससीएसटी आयोग भी पुलिस को तलब कर चुका है।

बोले परिजन : न नौकरी मिली न आर्थिक सहायता

वहीं, नीतू की हत्या के बाद उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा खराब हो गई है। पांच बेटियों और एक बेटे की पढ़ाई लिखाई और शादी की चिंता ने नीतू के पति का बुरा हाल कर दिया है। उनके पति का कहना है कि हत्या के बाद जिला प्रशासन ने परिवार के एक सदस्य को डीसी रेट पर नौकरी देने का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक नौकरी नहीं मिली। नीतू की बड़ी बेटी अपनी बहनों की शादी के सिलाई करके एक एक पैसा जुटा रही है।  

मामले की तह तक जाने के लिए दो संदिग्ध का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया है। मगर रिपोर्ट में हत्या से जुड़ा कोई भी पुख्ता बिंदु सामने नहीं आ सका। पुलिस हर बिंदु पर जांच कर चुकी है, लेकिन हत्या में किसी की संलिप्तता नजर नहीं आ रही है। कुछ अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।
पुष्पा खत्री, डीएसपी।

ये था मामला

बता दें कि सलारा मोहल्ला निवासी नीतू घरों में काम कर गुजारा करती थी। उसके पांच बेटियां और एक बेटा हैं। पति मजदूरी करता है। नीतू के पति ने बताया कि वह 4 जून 2016  को सेक्टर-3 में एक स्कूल की प्रधानाचार्य के घर काम करने गई थी। नीतू को लेने के लिए प्रधानाचार्य गाड़ी लेकर आई थी। पहले दिन से ही परिजनों को कुछ गड़बड़ लग रही थी, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। नीतू के लापता होने के बाद वह प्रधानाचार्य से जानकारी लेने पहुंचा तो उसने सही जवाब नहीं दिया। परिजनों ने उसके अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 10 जून को काफी संख्या में लोग एसपी आवास पहुंचे और हंगामा किया। इसके बाद डीएसपी पुष्पा खत्री ने महिला को जल्द बरामद करने आश्वासन दिया था, लेकिन 12 जून रविवार को नीतू का शव मिला। इसके बाद परिजनों सहित सैकड़ों लोगों ने आईसी कालेज के सामने 14 जून को तीन घंटे तक जाम लगाया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या और एससीएसटी एक्ट की धाराओं को शामिल किया था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें