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Rohtak: चार-पांच कारों में आए युवकों ने एमडीयू में छात्र पर किया जानलेवा हमला, विधि विभाग का है छात्र

Tue, 15 Nov 2022 10:10 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

विवि के विधि विभाग के बाहर अज्ञात युवकों ने वारदात को अंजाम दिया। हमलावर कैंपस में दनदनाते हुए घुसी चार कारों में आए थे। विधि विभाग का घायल छात्र रेवाड़ी का रहने वाला है।  
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के रोहतक में एमडीयू के विधि विभाग के बाहर मंगलवार दोपहर अज्ञात युवकों ने विधि तृतीय वर्ष के छात्र पर जानलेवा कर दिया। कार में सवार होकर आए युवकों ने उसके सिर पर रॉड से वार किए। घायल पीजीआई के ट्रामा सेंटर में उपचाराधीन है। एमडीयू के विधि विभाग की अध्यक्ष, हास्टल वार्डन व अन्य कर्मचारी घायल का हालचाल जानने पीजीआई के ट्रामा सेंटर पहुंचे। देर शाम तक पीजीआई कार्रवाई में जुटी हुई थी। इधर, विवि प्रशासन व सुरक्षा अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से परहेज बरता है। 

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विद्यार्थियों का कहना है कि रेवाड़ी का रहने वाला छात्र विधि विभाग के बाहर खड़े थे। चार-पांच कारें तेज रफ्तार से आईं। उनमें से 20 से 25 युवक उतरे और एक युवक को पीटने शुरू कर दिये। उसके सिर पर रॉड से वार किया। इससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर गया। अन्य विद्यार्थियों ने घायल को पीजीआई पहुंचाया। हमलावरों ने एक अन्य युवक को भी पकड़ने का प्रयास किया, मगर वह भीड़ के बीच से निकल भागा।

बाहरी युवकों को कैंपस में मारपीट करते देख विधि विभाग व कैंपस के अन्य विद्यार्थी बिफर पड़े। कैंपस के युवाओं को देखकर कार सवार भागने लगे। इनमें से दो हमलावर विभाग के अधिकारियों के कमरे में जा छिपे। इसके चलते करीब डेढ़ सौ से अधिक विद्यार्थियों ने विभाग को घेर लिया। यह घेराव करीब आधे घंटे रहा। 
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हमले की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने हमलावर युवकों को वहां से निकाल कर थाने ले जाने का प्रयास किया, मगर विद्यार्थियों की भीड़ के चलते वे ऐसा नहीं कर सके। इस कारण वहां पुलिस के और जवान बुलाने पड़े। बस में भर कर आए पुलिस बल ने बड़ी मुश्किल से युवकों से बातचीत कर उनके बीच से हमलावरों को निकाला। इस घटनाक्रम के चलते कैंपस में तनाव बना रहा। 

इधर, छात्र के घायल होने का पता लगते ही छात्र संगठनों के प्रतिनिधि व विद्यार्थी पीजीआई पहुंचे और बड़ी संख्या में विद्यार्थी घायल के पास पहुंचे। इन्हें पीजीआई के सुरक्षा कर्मचारियों ने बड़ी मुश्किल से ट्रामा सेंटर से बाहर निकाल कर व्यवस्था सुचारु बनाई। शाम तक विद्यार्थी यहीं जम रहे। 

विभागाध्यक्ष व सुरक्षा अधिकारी पहुंचे पीजीआई 
छात्र पर हुए जानलेवा हमले के बाद विधि विभाग की अध्यक्ष कविता ढुल, सुरक्षा अधिकारी तरुण शर्मा, वार्डन व सुरक्षा कर्मी ट्रामा सेंटर पहुंचे। यहां अधिकारियों की टीम काफी देर तक आपसी बातचीत व माहौल को नियंत्रित करने पर चर्चा करते रहे। इसके बाद सभी लौट गए। देर शाम तक पुलिस कागजी कार्रवाई में जुटी हुई थी। 

कैंपस में पहले भी हो चुके हैं विद्यार्थियों पर हमले 
एमडीयू कैंपस में विद्यार्थियों पर हमले का मामला नया नहीं है। पहले भी विवि में विद्यार्थियों पर जानलेवा हमले हुए हैं। छात्रावास में विद्यार्थियों से देर रात मारपीट, कैंपस में शाम के समय छात्राओं से अज्ञात कार सवारों का अभद्रता करना, छात्र नेता पर गोली चलाना, विद्यार्थी को गोली मारने समेत के अनेक मामले हैं। इनमें से एक में भी आरोपी पकड़ा नहीं गया है। हर बार हमलावर वारदात को अंजाम देकर साफ बच कर निकल भागने में सफल रहे हैं। 

कैंपस में नहीं रुक रहा बाहरी युवाओं का आगमन 
एमडीयू कैंपस में बाहरी युवाओं का आगमन रुक नहीं रहा है। कैंपस से बाहर के युवा यहां आते हैं और शराब पीकर विद्यार्थियों से मारपीट करते हैं। इन मामलों की शिकायतों के बावजूद विवि प्रशासन मौन है। यही वजह है मंगलवार दोपहर को विधि विभाग के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ। 

विश्वविद्यालय की सुरक्षा पर फिर उठा सवाल 
एमडीयू की सुरक्षा व्यवस्था अक्सर सवालों में घिरी रहती है। मंगलवार की घटना के बाद एक बार फिर विवि की सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में खड़ी नजर आ रही है। पहले तो बाहरी युवकों का कैंपस में प्रवेश ही व्यवस्था को धता बता रहा है। दूसरे एक साथ चार से पांच कारों का कैंपस में पहुंचना, इनमें सवार युवकों का मारपीट करना और साफ बच निकलना विवि की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल निशान लगा रहा है। कैंपस की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए सीसीटीवी व सुरक्षा कर्मचारी एक बार फिर किसी काम नहीं आए। 

एमडीयू कैंपस में छात्र पर हमले का मामला सामने आया है। थाना प्रभारी को केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। -उदय सिंह मीना, पुलिस अधीक्षक।

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