रोहतक में नशा तस्करों व नशे पर अंकुश लगाने निकली पुलिस की राह मुश्किल नजर आ रही है। बुधवार रात शहर में नशे की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करने गई पुलिस को जान बचाकर भागना पड़ा। इंदिरा कॉलोनी चौकी पर देर रात लोगों ने पथराव कर दिया। पथराव के चलते एक महिला एएसआई समेत तीन जवानों को चोटें आईं।
पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (एएनसी) टीम बुधवार रात नशा तस्करों की कमर तोड़ने निकली। इसके लिए इंदिरा कॉलोनी इलाके समेत तीन अलग-अलग जगह कार्रवाई के लिए टीमें रवाना हुईं। इसमें करतारपुरा, गढ़ी मोहल्ला व खोखराकोट इलाका शामिल है।
इंदिरा कॉलोनी में पुलिस ने एक जगह छापा मारा। यहां कार्रवाई के दौरान एक महिला को नशीला पदार्थ होने के संदेह में हिरासत में लिया। इस पर कुछ लोग विरोध करने लगे। पुलिस की मानें तो परिवार के सदस्य महिला को बचाने में लिए रास्ता रोकने लगे। इस दौरान पुलिस व उस परिवार के बीच कहासुनी भी हुई।
लोगों की भीड़ यह नजारा देखने के लिए सड़क पर ही रुक गई। पुलिस ने इन लोगों को वहां से जाने की बात कहते हुए एक युवक को भी पकड़ लिया। लोगों का कहना है कि यह युवक भीड़ का हिस्सा बना पुलिस कार्रवाई देख रहा था जबकि पुलिस ने उसे नशा बेचने के शक के चलते पकड़ा।
इसका विरोध करने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस व लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई। भीड़ नहीं मानी तो पुलिस ने उन्हें लाठी का डर दिखाते हुए वहां से दौड़ाया। इसके कुछ देर बाद लोगों की भीड़ फिर पुलिस चौकी के बाहर पहुंची। चौकी में कुछ दूर से ही पत्थर फेंके।
यह देखकर पुलिस के जवानों ने शुरू मेंं तो मुकाबला किया मगर एएसआई सरिता, एएनसी टीम के ईएचसी संजय व कांस्टेबल मनोज के चोटिल होने के बाद वे पीछे हट गए। जवानों ने चौकी में घुसकर अपने आपको सुरक्षित किया और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया।
पुलिस की गाड़ियां आते देख भीड़ अंधेरे में गायब हो गई। घायल पुलिस के जवानों को पीजीआई में भर्ती कराया गया। महिला डीएसपी भी चौकी पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। देर रात तक पुलिस कार्रवाई में जुटी हुई थी। थाना शहर प्रभारी देशराज ने फिलहाल मामले में व्यस्तता जाहिर होने की बात कहते हुए कुछ बताने से परहेज करने लगे।