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जसिया में दो घंटे तक हाईवे पर लगा रहा जाम

Mon, 13 Feb 2017 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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‌ज‌िसया में जाम हाइवे - फोटो : amar ujala
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जसिया गांव में रोहतक-पानीपत हाईवे के किनारे चल रहे जाट न्याय धरने पर रविवार को छुट्टी के दिन काफी संख्या में लोग पहुंच गए। भीड़ की वजह से करीब दो घंटे तक हाईवे नंबर 71ए जाम रहा। धरने को समर्थन देने पहुंचे युवा डीजे की धुन पर वाहनों के ऊपर चढ़कर नाचते रहे। पुलिस और सुरक्षाकर्मी भीड़ के खुद सड़क से हटने का इंतजार करते रहे। जाम की वजह से गोहाना-पानीपत की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को रूट डायवर्ट करके गुजारा गया। रास्ता बंद होने के कारण मंत्री मनीष ग्रोवर को शाम के समय करनाल से रोहतक आते समय सोनीपत के रास्ते घर आना पड़ा। हालांकि, उनकी ओर से तर्क दिया गया कि सोनीपत में चाय का कार्यक्रम बन गया था, इसके चलते रूट बदलकर रोहतक आए।
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जसिया धरनास्थल पर सुबह 11 बजे तक भीड़ सामान्य रही। इसके बाद काफी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर ग्रामीण धरनास्थल पर आने शुरू हो गए। साथ ही दुपहिया वाहनों और ट्रालियों में डीजे रखकर युवा आने लगे। देखते ही देखते जसिया से लेकर ब्राह्मणवास की ओर दो किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग गई। हाईवे दोनों तरफ से जाम हो गया। जाम में फंसी रोडवेज की बस, ट्रक और ट्रालों पर चढ़कर युवा नाचने लगे।

धरना कमेटी की अपील रही बेअसर
रोड जाम होने से परेशान धरना कमेटी की ओर से बार-बार युवाओं से अपील की गई की कि वे वाहनों से नीचे उतर आएं और रोड खाली कर दें, लेकिन इस अपील का युवाओं पर कोई असर नहीं हुआ। करीब सवा दो बजे यशपाल मलिक मंच पर पहुंचे तो जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक बल्हारा ने बार-बार युवाओं से डीजे बंद करने की अपील की, लेकिन डीजे बंद नहीं हुआ। हालांकि, डीजे की धुन पर युवा नाचते हुए घर चले गए। बल्हारा ने बुजुर्गों और महिलाओं से अपील की कि वे युवाओं को समझाकर धरने पर भेजें। क्योंकि आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ाया जाना है।  
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जाम खुलने पर पुलिस ने ली राहत की सांस
जसिया में भारी भीड़ से रोहतक-पानीपत मार्ग दोनों तरफ से जाम हो गया। एसपी पंकज नैन से लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट अरविंद मल्हान, डीएसपी ताहिर हुसैन, डीएसपी शमशेर सिंह व तहसीलदार गुलाब सिंह मौके पर मौजूद रहे, लेकिन पुलिस और सुरक्षा बलों को किसी तरह की हरकत न करने की हिदायत दी। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि महिला पुलिसकर्मियों व सीआरपीएफ के जवानों के टेंट के बाहर भी युवा डीजे की धुन पर नाचते रहे। अधिकारियों व पुलिस बल को अंदेशा था कि अगर किसी युवक को कुछ कहा तो माहौल खराब हो सकता है। इस बीच अधिकारी फोन करके आला अधिकारियों को सूचना दे रहे थे। यशपाल मलिक के भाषण के बाद भीड़ अपने आप लौटने लगी। तब जाकर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली।
शहर में घुसने का ब्लैक कमांडो ने किया रास्ता बंद
धरना स्थल से लौट रहे युवा कही शहर के अंदर न आ जाए, इसलिए रोहतक पुलिस की एक पूरी टीम को ब्लैक कमांडो के तौर पर गोहाना बाईपास से लेकर लाढ़ोत रोड व बस स्टैंड के पास तैनात कर दिया गया। ताकि ट्रैक्टर व ट्राली बाईपास से गुजर जाएं। हालांकि किसी ने न तो अंदर आने का प्रयास किया और न ही पुलिस से किसी तरह का गतिरोध हुआ।
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