हरियाणा के रोहतक में एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने नाबालिग बेटी की जबरन शादी कराने की दोषी मां सहित चार लोगों को दो-दो साल कैद की सजा सुनाई है। दोषियों में चरखी दादरी के दो और जींद के दो लोग शामिल हैं। अदालत ने कथित पति पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक चरखी दादरी जिले की साढ़े 16 साल की युवती ने बौंद कलां थाने में शिकायत दी थी। इसमें उसने बताया था कि उसके पिता का देहांत हो चुका है। पिता की मौत के बाद मां रोहतक में किराये पर रहने लगी। आरोप है कि वहां मां ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी जींद के एक युवक के साथ शादी करा दी। शादी के खर्च के नाम पर उसकी मां ने 25 हजार रुपये लिए थे, क्योंकि उसकी मां की आर्थिक हालत कमजोर थी।
कथित शादी के बाद वह ससुराल आ गई। वहां पर कथित पति ने शारीरिक संबंध बनाए। इससे उसकी शारीरिक हालत बिगड़ गई। इसके बाद उसकी मां वापस उसे लेकर आ गई। पीड़िता ने बौंद कलां थाने में पहुंचकर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
चरखी दादरी पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर रोहतक सिटी पुलिस के पास भेजी। सिटी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी मां सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया। कथित पति के खिलाफ दुष्कर्म की धारा भी लगाई गई। बुधवार को एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने पीड़िता की मां सहित चारों आरोपियों को दो-दो साल की सजा सुनाई।
कथित पति को अदालत ने दुष्कर्म का दोषी नहीं माना
पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर कथित पति दुष्कर्म करने का केस दर्ज किया था। पीड़िता का आरोप था कि शादी के बाद उसके कथित पति ने शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन अदालत ने कथित पति को आईपीसी की 323, 506, 17 पॉक्सो एक्ट, 10 चाइल्ड मैरिज एक्ट व आईपीसी की धारा 109 के तहत दो-दो साल की कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उसे दुष्कर्म का दोषी नहीं माना है, जबकि पीड़िता की मां सहित तीन लोगों को आईपीसी की धारा 109, 17 पॉक्सो एक्ट व 10 चाइल्ड मैरिज एक्ट के तहत दोषी मानते हुए दो-दो साल की सजा सुनाई है।