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दीवार फांदकर घर में घुसे बिजली कर्मियाें को ग्रामीणों ने तीन घंटे तक बंधक बनाया

Thu, 19 Jan 2017 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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बिजली कर्मियों को रोका - फोटो : अमर उजाला
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गांव मकड़ौली में बिजली चोरी के शक में दीवार फांदकर घर में घुसे बिजली कर्मियों को ग्रामीणों ने तीन घंटे तक बंधक बना लिया। मीटर जांचने के बहाने घर में घुसे जेई और अन्य कर्मचारी जब भागने लगे तो ग्रामीणों ने उन्हें पकड़कर पीटा भी। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत करके बिजली कर्मचारियों को करीब तीन घंटे बाद छुड़ाया। ग्रामीणों ने बिजली कर्मियों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है, तो बिजली कर्मियों ने बंधक बनाने और मारपीट का आरोप लगाया है। फिलहाल, किसी भी पक्ष ने पुलिस में शिकायत नहीं दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। 
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जानकारी के मुताबिक, बिजली विभाग में कार्यरत जेई रामनिवास बुधवार सुबह कर्मचारी सुरेंद्र, एएलएम मंजीत, बलजीत और सिपाही सुखबीर के साथ मकड़ौली गांव पहुंचे थे। टीम को गांव में बिजली मीटर की जांच करनी थी। गांव में प्रवेश करते ही जेई रामनिवास एक मकान में गये। पहले तो उन्होंने घर के बाहर से आवाज लगाई। जवाब में मकान में मौजूद महिलाओं ने कहा कि अभी परिवार का कोई आदमी घर पर नहीं है। आरोप है कि जब महिलाओं ने दरवाजा नहीं खोला और कमरे में चली गईं तो कर्मचारी दीवार फांदकर घर में घुस गये। इसके बाद महिलाओं ने शोर मचा दिया। इसी बीच एक कर्मचारी छत पर जाकर बिजली लाइन की जांच करने लगा। दूसरे कर्मचारी मीटर देखने लगे।
 
महिलाओं का शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गये। महिलाओं ने मामले की जानकारी परिजनों को दी। कुछ ही देर में काफी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गये। इसके बाद बिजली कर्मचारी भागने लगे तो ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया। आरोप है कि इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली कर्मियों की पिटाई भी की। उन्हें पैदल ही उस मकान तक लाए जिसमें वह घुसे थे। इसके बाद ग्रामीणों ने जेई सहित अन्य कर्मचारियों को एक कमरे में बैठा लिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने वाली टीम से बातचीत की। ग्रामीणों से भी मामले में बात की। काफी देर तक आपसी बातचीत के बाद मामला सुलझ गया। 
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भीड़ जुटी तो गाड़ी में भागे कर्मचारी, बाइक अड़ाकर रोकी 
बिजली विभाग के कर्मचारियों की हरकत के कारण ग्रामीणों ने विरोध किया। मामला बढ़ता देख कर्मचारी अपनी गाड़ी में बैठकर भागने लगे। लेकिन शोरशराबा सुनकर बैंक के सामने खड़े लोगों ने वारदात की आशंका में बिजली कर्मियों की गाड़ी के सामने बाइक अड़ाकर रोक लिया। फिर टीम के सदस्यों को गाड़ी से उतारकर थप्पड़ जड़े। इसके बाद कर्मचारियों को पैदल ही संबंधित मकान तक लाया गया। यहां एक कमरे में उन्हें बैठा लिया गया। 

रास्ते से भागा कर्मचारी, कंट्रोल रूम को दी सूचना 
जब ग्रामीण बिजली कर्मचारियों को पैदल साथ लेकर आ रहे थे तो एक कर्मचारी बलजीत खेतों में भाग गया। ग्रामीणों ने कु छ दूर तक उसका पीछा किया, लेकिन वह हाथ नहीं आया। इसके बाद बलजीत ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद पुलिस गांव में पहुंची। जेई रामनिवास का आरोप है कि कुछ लोगों ने मारपीट करने के बाद उनसे खाली कागज पर लिखवाया कि मैं जबरदस्ती घर में घुस गया था। यहां पर मैंने महिलाओं के साथ बदसलूकी की। 

ग्रामीण बोले- मीटर दुरुस्त, बिजली आती नहीं 
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली कर्मचारियों ने एक बार भी नहीं सोचा कि घर में केवल महिलाएं हैं। बिजली चोरी के शक में घर में कूद गये। मकान मालिक का कहना है कि मेरा मीटर दुरुस्त है। जब बिजली आती नहीं तो जनरेटर का सहारा लिया जाता है। इसके बावजूद कर्मचारियों ने महिलाओं के साथ बदसलूकी की। महिलाओं ने विरोध किया तो विभागीय कार्रवाई की धमकी दी। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सही तरीके से बिजली की आपूर्ति नहीं की जाती। लेकिन कर्मचारी हर दूसरे दिन मीटर जांचने के लिए पहुंच जाते हैं। 

जेई बोले- मारपीट कर डायरी भी छीनी 
जेई रामनिवास का कहना है कि वह केवल मीटर की जांच करने के लिए घर में गए थे। लेकिन घर वालों ने उनके साथ अभद्रता की। कुछ लोगों ने गाड़ी रोककर मारपीट की। इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने मारपीट कर लेखाजोखा डायरी छीन ली। बंधक बना लिया। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किये हैं। 
 
किसी भी तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। बिजली कर्मचारियों का कहना है कि उच्च अधिकारियों से बात करने के बाद शिकायत देंगे। जब शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी। 
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- विजय दहिया, एसएचओ सदर थाना
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