खरकड़ा छाज्याण में ताबड़तोड़ फायरिंग कर पवन की हत्या के मामले में पुलिस ने गांव के सरपंच अभिमन्यु सहित गांव के ही बसंत और इस्माइला के नवीन को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से चार दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में पता लगाया जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी तक आरोपियों से वारदात में प्रयोग हुआ हथियार बरामद नहीं कर सकी है। अभी आरोपी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में कुछ अन्य आरोपियों के ठिकानों के बारे में भी बताया है।
बताया जा रहा है कि नवीन की लोकेशन वारदात वाले दिन गांव की ही मिली है। महम थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह का कहना है कि रिमांड अवधि में आरोपियों से वारदात में प्रयोग हुआ हथियार और उनके साथियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। आरोपी सरपंच शराब ठेकेदार है। नवीन उसके ठेके पर काम करता है।
ये था मामला
महम थानाक्षेत्र के खरकड़ा छाज्याण निवासी अभिमन्यु वर्तमान में गांव के सरपंच हैं। उनका छोटा भाई अजय (26) 14 अगस्त को सुबह पांच बजे दिल्ली-हिसार हाईवे पर रोज की तरह सैर के लिए निकला था। बीच रास्ते में बाइक सवार दो युवकों ने अजय पर कई राउंड गोलियां चलाईं। अजय को हाथ और कमर में दो गोली लगी। गोली लगने के बाद भी अजय ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीण अजय को लेकर पीजीआई पहुंचे। पुलिस सुबह ही मौके पर पहुंच गई और पड़ताल की। वारदात में अजय के बयानों पर पुलिस ने गांव के ही सुनील, पवन, जितेंद्र, मंजीत और दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था।
अभी यह मामला निपटा नहीं था कि अजय पर हमले के सात घंटे बाद गांव में दूसरी वारदात हो गई। दोपहर करीब 12 बजे चार बाइकों पर सवार कई युवकों ने अजय पर हमले में नामजद पवन पर हमला बोल दिया। उन्होंने पवन पर कई फायर किए। हमले में पवन को चार गोलियां लगीं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस मामले में पवन के भाई अमित की ओर से गांव के सरपंच अभिमन्यु, संदीप, प्रवीन और विकास को नामजद करवाया गया था।