दूसरे राज्यों में भी पेपर लीक के बाद ऑनलाइन नकल कराने के मामलों में रोहतक का नाम जुड़ रहा है। उत्तराखंड की ऋषिकेश पुलिस ने एसओजी की मदद से पांच युवकों को एम्स की एमडी परीक्षा में ऑनलाइन नकल कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसमें एक युवक अमन सिवाच रोहतक की विकास कॉलोनी का रहने वाला है।
उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार युवकों से तीन टैबलेट, तीन मोबाइल, दो मेडिकल संबंधी किताब व एक कार बरामद की गई है। पांचों आरोपी हिमाचल के कांगड़ा स्थित परीक्षा केंद्र में तीन अभ्यर्थियों को ऑनलाइन प्रश्नों के उत्तर भेजकर नकल करा रहे थे। आरोपियों ने अभ्यर्थियों को एमडी की परीक्षा में पास कराने के एवज में 50-50 लाख रुपये की डील की थी।
इस गिरोह में एम्स ऋषिकेश के दो चिकित्सक भी शामिल हैं, जिन्हें दो-दो लाख रुपये में तय किया गया था। आरोपियों की पहचान अजीत निवासी 540, सेक्टर-8, जींद, हरियाणा, अमन सिवाच निवासी विकास कॉलोनी, रोहतक, वैभव कश्यप निवासी 260 अंबिका एनक्लेव, सनौर, पटियाला, पंजाब, विजुल गौरा निवासी 2/5 पटेल नगर, हिसार व जयंत निवासी 423 डिफेंस कॉलोनी, हिसार के रूप में की गई है। अमन और वैभव एम्स में डाक्टर हैं। इससे पहले 2015 में रोहतक का नाम एआईपीएमटी पेपर लीक केस में जुड़ा था।
आरोप था कि मास्टरमाइंड रोहतक के रहने वाले थे। एआईपीएमटी-2015 की प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक होने से 6 लाख मेडिकल छात्रों को झटका लगा था। देशभर में हड़कंप मचाने वाले इस प्रकरण की स्क्रिप्ट भले ही राजस्थान के अलवर जिले के बहरोड़ में एक रिसोर्ट में लिखी गई हो, लेकिन यह गिरोह पूरे हरियाणा के साथ ही राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, वेस्ट बंगाल, दिल्ली समेत 10 राज्यों में फैला था।