एक माह की पैरोल के बाद रविवार शाम को राम रहीम 4 बजकर 55 मिनट पर सुनारिया जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। खुद हनीप्रीत उसे छोड़ने सुनारिया जेल आई। डीएसपी मुख्यालय डॉक्टर रवींद्र व सांपला डीएसपी राकेश भी काफिले में साथ रहे।
साल 2017 में सीबीआई की विशेष अदालत ने राम रहीम को दो साध्वियों के यौन उत्पीड़न केस में 10-10 साल की कैद की सजा सुनाई थी। बाद में उसे पत्रकार छत्रपति हत्याकांड और रणजीत हत्याकांड में भी सजा हो चुकी है।
20 जुलाई को उसे एक माह की पैरोल मिली थी, जिसे काटने के लिए यूपी के बागपत स्थित बरनावा आश्रम भेजा गया था।