प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी विश्वविद्यालय में एक खेल के लिए अलग से निदेशक बनाया जाएगा। सरकार की घोषणा पर अमल करने के लिए शनिवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) की कार्यकारी परिषद की बैठक होगी। इसमें ओलंपियन साक्षी मलिक को रेसलिंग डायरेक्टर बनाने के लिए पद सृजित करने पर मुहर लगने की पूरी संभावना है।
सूत्रों का कहना है कि साक्षी मलिक को श्रेणी-2 के तहत कुश्ती निदेशक बनाया जा सकता है। हालांकि, इस पद को साक्षी स्वीकार करेंगी इस पर संशय की स्थिति है। साक्षी की मां का साफ कहना है कि ऑफर लेटर में पोस्ट और ग्रेड देखने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
बता दें कि पिछले वर्ष सरकार की तरफ से रियो ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक को एमडीयू में रेसलिंग डायरेक्टर बनाने की घोषणा की गई थी। हाल ही साक्षी ने ट्वीट करके घोषणा पर अमल नहीं करने का आरोप लगाया था। साक्षी मलिक ने कहा था कि मैंने अपना वादा पूरा किया, लेकिन सरकार कब करेगी। इस ट्वीट के बाद सरकार ने अपनी घोषणा को पूरा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
इस संबंध में प्रस्ताव शनिवार को एमडीयू में होने वाली कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में रखा जाएगा। ईसी की बैठक में रेसलिंग डायरेक्टर का पद सृजित कर उसे अंतिम मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा।
इसके बाद सरकार बजट जारी करेगी और साक्षी मलिक को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। चर्चा है कि साक्षी को एमडीयू का खेल निदेशक बनाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। साक्षी को केवल रेसलिंग की जिम्मेदारी दी जाएगी। हालांकि, साक्षी प्रदेश में रेसलिंग का प्रोत्साहान भी करेंगी। साक्षी की नियुक्ति के बाद एमडीयू पहली ऐसी यूनिवर्सिटी होगी, जिसमें किसी एक खेल के लिए अलग से डायरेक्टर की पोस्ट होगी।
बैठक में रखे जाएंगे 55 प्रस्ताव
एमडीयू की कार्यकारी परिषद की बैठक में रेसलिंग डायरेक्टर का पद सृजित करने के साथ-साथ 55 और प्रस्ताव रखे जाएंगे। इसमें एमडीयू में पिछले दिनों हुई भर्ती का विवाद भी शामिल रहेगा। इस संबंध में स्क्रीनिंग कमेटी अपना पक्ष रखेगी। यूजी स्तर पर मॉस कम्यूनिकेशन को इलेक्टिव सब्जेक्ट के तौर पर शुरू करने का मामला रहेगा। इसके अलावा भी कई प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है।
हमें अभी एमडीयू की बैठक या नौकरी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। एमडीयू की तरफ से भी कोई पत्र नहीं आया है। प्रदेश सरकार की तरफ से मिलने वाले ऑफर लेटर में पोस्ट और ग्रेड आदि देखने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
- सुदेश, साक्षी की मां