घायलों का चल रहा उपचार, मृतकों के फाइल फोटो।
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यही नहीं, उनके पास वहां मौजूद लोगों की भी पहले से जानकारी थी। मोनू नाम पूछकर व्यक्ति विशेष की पुष्टि करना यही बयां कर रहा है। बदमाशों ने वहां कोई सुराग नहीं छोड़ा। ठेके पर लगे सीसीटीवी भी पुलिस की मदद करने लायक नहीं हैं। इसकी वजह सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग रखने वाले डीवीआर का गायब होना है। पुलिस को मौके से डीवीआर सिस्टम नहीं मिला है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वारदात के बाद बदमाश डीवीआर भी उखाड़ ले गए। फिलहाल पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है।
घायलों के पैर में लगी गोली का नहीं लगा सुराग
पीजीआई के ट्राॅमा सेंटर में गोली लगने से घायल दो युवकोंं का इलाज चल रहा है। इनके पैर से लगातार खून बह रहा है। चिकित्सक देर रात तक उनका बहता खून रोकने में व्यस्त रहे। प्रत्यक्षदशियों का कहना है कि उनके पैर में गोली लगी है, मगर गोली मिली नहीं है। इसके बाद खून रुकने के बाद एक्स-रे किया जाएगा। एक्स-रे में गोली नजर आने पर उसे निकाला जाएगा। समाचार लिखे जाने तक घायलों का इलाज चल रहा था।
पीजीआई में मृतक का शव ले जाते परिजन व पुलिस कर्मचारी।
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पीजीआई में उमड़ पड़ी परिजनों व दोस्तों की भीड़
ठेके पर पांच युवकों को गोली लगने के बाद पीजीआई के ट्राॅमा सेंटर लाया गया। यहां एक के बाद एक खून में लथपथ पांच युवा पहुंचे। इसके बाद पीजीआई स्टाफ भी तुरंत हाई अलर्ट पर आ गया। युवकों को गोली लगने की सूचना मिलते ही उनके परिजन व दोस्तों की भीड़ ट्रामा सेंटर में उमड़ पड़ी। दो महिलाएं वहां पहुंचीं और एक मृतक का चेहरा देखकर उसकी पहचान की। इसके साथ वे फफक पड़ीं। इन्हें वहां मौजूद लोगों की भीड़ ने बड़ी मुश्किल से संभाला। मृतकों के नजदीकियों को उनके दोस्त व ग्रामीण ढांढ़स बंधाते नजर आए।
ट्रॉमा सेंटर पर पुलिस का पहरा
बोहर में हुई हिंसक वारदात के बाद पुलिस हरकत में आई। पीजीआईएमएस, आईएमटी, अर्बन एस्टेट थाना के अलावा सीआईए स्टाफ पुलिस ट्राॅमा सेंटर पहुंची। पुलिस की कुछ टीमें मामले की जांच में व्यस्त रहीं, जबकि यहां की सुरक्षा को लेकर पीजीआई थाने के हथियारबंद जवानों ने मोर्चा संभाला। इसके अलावा पीजीआई के सुरक्षा कर्मचारी भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट नजर आए।