60 लाख रुपये में बेचे गए प्लॉट में हिस्सा नहीं मिला तो दीपक ने अपनी दादी को मौत के घाट उतार दिया। दादी ने उसका भला करने के लिए उसे पुश्तैनी मकान दे दिया था लेकिन आरोपी दीपक को नकदी में भी हिस्सा चाहिए था। पैसे नहीं मिलने पर उसने रिश्तों को तार-तार कर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने यह खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपी को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी का दो दिन का रिमांड मांगा था लेकिन कोर्ट ने एक दिन का रिमांड मंजूर किया।
जनता कॉलोनी पुलिस चौकी प्रभारी और जांच अधिकारी एसआई श्रीभगवान ने बताया कि कुछ दिन पहले दीपक की दादी भगवानी देवी ने 60 लाख रुपये में अपना एक प्लॉट बेचा था। उससे मिला सारा रुपया भगवानी देवी ने अपने बैंक खाते में जमा करा दिया था। हाल ही में भगवानी देवी ने सारी रकम का बंटवारा अपने तीन बेटों और तीन बेटियों के बीच कर दिया था। दो बेटों की पहले ही मौत हो चुकी है। इस कारण उनके बच्चों या पत्नी को हिस्सा दिया गया था। आरोपी दीपक के पिता सतीश की भी मौत हो चुकी है।
भगवानी देवी ने पोते दीपक को हिस्से के रूप में रकम न देकर अपना पुस्तैनी मकान दे दिया था, जिसमें वह काफी समय से अकेली रहती थी। मगर दीपक को यह रास नहीं आया। वह लंबे समय से दादी पर रुपये देने का दबाव बना रहा था। दीपक कई बार डरा धमकाकर दादी से रुपये भी ऐंठ चुका था लेकिन समय के साथ मांग बढ़ती गई। वारदात वाले दिन भी रुपयों को लेकर ही दीपक का दादी से झगड़ा हुआ था। इसी कारण आरोपी ने गला घोंटकर भगवानी देवी की हत्या कर दी।
आरोपी के मोबाइल की बरामदगी के लिए उसे रिमांड पर लिया गया है। कॉल डिटेल के आधार पर पता लगाया जा सकेगा कि कोेई अन्य तो वारदात में शामिल नहीं था। हालांकि अभी तक दीपक का ही नाम सामने आया है।
श्रीभगवान, प्रभारी जनता कॉलोनी पुलिस चौकी।
यह है मामला
शिवाजी कॉलोनी में रविवार को दीपक ने अपनी दादी भगवानी देवी की गला दबाकर हत्या कर दी थी। भगवानी देवी ने पैसे देने से इन्कार किया तो सगा पौत्र ही दुश्मन बन बैठा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या का खुलासा हुआ था। पुलिस ने मामले में अगले दिन ही आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया था।