फर्जी प्रमाणपत्र देकर हुडा के आरक्षित श्रेणी के एक से ज्यादा प्लाट खरीदने के मामले में दो और लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है। इस मामले में पुलिस अब तक सेना में कार्यरत या रिटायर हो चुके 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इसके साथ ही, हुडा प्रशासन ने भी 35 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
अब पुलिस हुडा अधिकारियों से भी इस मामले में पूछताछ करेगी।
पुलिस ने मामले में पंचकूला के सेक्टर-11 निवासी सलोचना देवी और झज्जर के गांव दुजाना निवासी कर्नल ओमधर अहलावत के खिलाफ केस दर्ज किया है। एक दिन पहले पुलिस ने रोहतक के कमल कालोनी माडल टाउन निवासी यशदीप सांगवान और सेक्टर-3 के रणधीर सिंह जटराणा के खिलाफ केस दर्ज किया था।
आरोप है कि इन चारों ने हुडा के आरक्षित श्रेणी के एक से ज्यादा प्लाट अपने नाम करवा रखे हैं। जबकि नियमों के अनुसार प्रदेश में एक ही प्लाट लेने की स्कीम है। जांच में सामने आया है कि सलोचना देवी ने शहीद विधवा रिजर्व कोटे से 23 अगस्त 1991 को रोहतक सेक्टर-2,3,4 में प्लाट लिया था। जब विभाग ने जांच की तो पता चला कि सलोचना ने 17 अप्रैल 1989 को ही गुड़गांव के सेक्टर-31, 32ए में प्लाट ले लिया था।
इसी तरह कर्नल ओम अहलावत ने 19 अगस्त 1991 में रोहतक सेक्टर 2, 3, 4 में रिजर्व कैटेगिरी का प्लाट लिया था। जांच में सामने आया कि अहलावत पहले ही 26 नवंबर 1979 को पंचकूला के सेक्टर-12 में प्लाट ले चुके थे। इसी प्रकार यशदीप सांगवान ने रोहतक के सेक्टर एक्सटेंशन में 8 अक्तूबर 2007 को रिजर्व कै टेगिरी का प्लाट लिया था। विभाग की जांच में पता चला कि वह 26 जून 2015 को ही गुड़गांव के सेक्टर-52 में प्लाट ले चुके थे।
इसी प्रकार रणधीर सिंह ने 4 अक्टूबर 2007 में रोहतक सेक्टर-4 में रिजर्व कैटेगिरी का प्लाट लिया था। जांच में पता चला कि रणधीर सिंह ने 28 जुलाई 2000 में ही बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 में प्लाट ले लिया था। पुलिस ने केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।