आरोपी ने बैंक अधिकारी बन ली एटीएम कार्ड की डिटेल, खाते से रुपये किए ट्रांसफर
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एक तरफ आरोपियों की ठगी का शिकार तो दूसरी तरफ पुलिस कार्रवाई में सीमा का विवाद ने पीड़ित को परेशान करके रख दिया। पुलिस के इस लापरवाही रवैये का शिकार खुद सेना का रिटायर्ड सूबेदार हुआ। कुछ आरोपियों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर सूबेदार से उनके एटीएम कार्ड की डिटेल ली और खाते से हजारों रुपये ट्रांसफर कर लिए। जब ठगी की शिकायत लेकर सूबेदार पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस उसे सीमा विवाद में उलझाती रही और थाने से चौकी के चक्कर कटवाती रही। बाद में शहर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया।
गांव कथूरा निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि वह फिलहाल रोहताश नगर में परिवार के साथ रहते हैं। रोहताश सेना में सूबेदार के पद से रिटायर्ड हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले गांव के एक बैंक में खाता खुलवाया था। ओमप्रकाश ने बताया कि 14 अक्तूबर को ओमप्रकाश के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले युवक ने खुद को संबंधित बैंक का अधिकारी बताया। इसके बाद आरोपी ने पूछा कि उन्होंने एटीएम कार्ड चालू कर लिया है या नहीं। एटीएम कार्ड चालू न होने पर आरोपी ने कहा कि उन्हें तुरंत एटीएम कार्ड चालू करना होगा। वरना वह फिर चालू नहीं हो पाएगा। फिर आरोपियों ने कार्ड का नंबर मांगा। इसके बाद ओमप्रकाश के मोबाइल पर आये एक मैसेज का कोड पूछा। इसी बीच ओमप्रकाश के खाते से चार हजार रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर हो गए। मैसेज पर ओमप्रकाश ने ध्यान नहीं दिया। आरोपियों ने ओमप्रकाश से दोबारा एक कोड मोबाइल पर आने की बात कहकर वह कोड भी पूछ लिया। फिर से आरोपियों ने उनके खाते से करीब पांच हजार रुपये ट्रांसफर कर लिये। इस बार ओमप्रकाश ने मोबाइल पर आये मैसेज को पढ़ लिया। फिर फोन आने के बाद उन्होंने आरोपियों को कोई जानकारी नहीं दी और बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल करके एटीएम कार्ड को ब्लॉक करवा दिया।
शिकायत लेकर पहुंचे तो शुरू हुई प्रताड़ना
एटीएम कार्ड को ब्लॉक करवाने के बाद ओमप्रकाश मामले की शिकायत लेकर सबसे पहले सब्जी मंडी थाने पहुंचे। यहां पुलिस कर्मियों ने कहा कि घटनास्थल उनके थाने की सीमा में नहीं है। इस पर उन्हें सलारा मोहल्ला चौकी भेज दिया गया। यहां भी उन्हें सुखपुरा पुलिस चौकी भेज दिया गया। इसी चक्कर में पूरा दिन बीत गया। अगले दिन वह शिकायत लेकर फिर सुखपुरा चौकी पहुंचे। ओमप्रकाश का कहना है कि शाम तक पुलिस ने उन्हें बैठाये रखा लेकिन केस दर्ज नहीं किया। फिर मामले की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया। जांच अधिकारी एएसआई हरपाल ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।