हरियाणा के रोहतक में जींद रोड स्थित होटल मालिक से 20 हजार रुपये महीने अवैध रूप से मांगने और न देने पर मारपीट करने के आरोप में पूर्व चौकी प्रभारी सहित पांच पुलिस कर्मियों को एसपी ने मंगलवार को निलंबित कर दिया है। एएसपी मेधा भूषण की जांच रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की गई है। अब मामले की विभागीय स्तर पर जांच होगी। इससे पहले सभी को 15 जून को लाइन हाजिर कर त्वरित कार्रवाई की गई थी।
होटल मालिक रोबिन नांदल ने एसपी के नाम लिखी शिकायत में आरोप लगाया कि 14 जून की रात को करीब 8 बजकर 20 मिनट पर गौकर्ण चौकी के दो पुलिसकर्मी वर्दी में व एक बिना वर्दी में आए। आते ही काउंटर पर मौजूद महिला कर्मचारी से पूछताछ करने लगे। थोड़ी देर बाद एक युवक आया जो अपने आप को मुंशी बता रहा था।
रजिस्टर की जांच कर पूछा कि कितने कमरे बुक हैं। इसके बाद स्टाफ की मौजूदगी में उसे पीटना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद चौकी प्रभारी पीएसआई सोनू भी मौके पर आ गए। उसे पकड़ कर बाहर लाया गया। सड़क के दूसरे पार ले जाकर भी मारपीट की। होटल मालिक का आरोप था कि एक पुलिसकर्मी ने कहा कि गाड़ी में डालकर ले जाएं या खर्चा-पानी देगा।
डर के मारे उसने 12 हजार 300 रुपये दे दिए। बोले- हर माह की पांच तारीख को 20 हजार रुपये चाहिए। इसी बीच जींद चौक पर ढाबा चलाने वाला अनिल आ गया और उसे छुड़वाया। वह सिटी थाने में गया, लेकिन थाना प्रभारी नहीं थे।
इसके बाद उसने मेडिकल करवाया। लिखित शिकायत एएसपी मेधा भूषण को दी। एएसपी ने 16 जून को चौकी प्रभारी सहित पांचों पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था। एसपी ने मामले की जांच एएसपी को ही सौंपी थी। उनकी जांच रिपोर्ट पर 26 जून को आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
होटल मालिक ने लिखित शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए थे। सीसीटीवी फुटेज भी दी। एएसपी मेधा भूषण मामले की जांच कर रही थीं, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। भ्रष्टाचार किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।
-हिमांशु गर्ग, पुलिस अधीक्षक रोहतक