पति लेने नहीं आया तो एक बहू खुद अपने ससुराल पहुंच गई। बहू को आता देख ससुर ने घर के बाहर ताला जड़ दिया तो बहू ने भी धरना शुरू कर दिया। बहू को अपने हक के लिए लड़ती देख उसकी दादस (पति की दादी) ने भी साथ दिया और वह भी धरने पर बैठ गई। खबर लिखे जाने तक बहू अन्य महिलाओं के साथ धरने पर ही बैठी थी।
मामला लाखनमाजरा गांव का है। रोहतक शहर की रहने वाली एक विवाहिता ने बताया कि उसकी शादी 2014 में लाखनमाजरा निवासी एक युवक के साथ हुई। युवक हरियाणा पुलिस में नौकरी करता है। शादी में घर वालों ने अच्छा पैसा खर्च किया। इससे ससुराल वाले कई दिन खुश रहे। लेकिन कुछ दिन बाद वे गाड़ी की मांग करने लगे।
महिला के भाई और पिता विदेश में नौकरी करते हैं। अब ससुराल पक्ष चाहता है कि उनका विदेश से लाया हुआ पैसा उनके काम आए। शुक्रवार सुबह 9 बजे से अपने ससुर के घर के बाहर धरने पर बैठी महिला का आरोप है कि उसे बच्चा होने वाला था।
लेकिन ससुराल पक्ष के लोगों ने उसका बच्चा गिरवा दिया। अब वह नौ महीने से मायके में बैठी थी। विवाद सुलझाने के लिए 5-6 बार पंचायत भी हो चुकी है। एक बार एसपी ने भी दोनों पक्षों को बुलाया था। पिछले माह हुई पंचायत में ससुर ने दस दिन का समय दिया था और कहा था कि हम बहू को ले जाएंगे। लेकिन दस दिन तक भी कोई लेने नहीं आया तो शुक्रवार को महिला खुद ससुराल चली आई। जब वह घर पहुंची तो उसके ससुर ने दरवाजा बंद कर ताला लगा दिया और घर से बाहर चले गए।
महिला रात 10 बजे तक धरने पर बैठी रही। बहू का साथ देने उसकी दादस भी धरने पर आई। वह चाहती है कि पोते की बहू घर में रहे। आरोप है कि ससुर पुलिस का खौफ दिखाकर उन्हें डराता धमकाता है और कहता है कि उसका बेटा पुलिस में है। इसलिए उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा। लेकिन बहू का कहना है कि उसकी शादी यहां हुई है और अब वह कहीं नहीं जाएगी। चाहे उसकी मौत हो जाए, लेकिन वापस मायके नहीं जाएगी।
नहीं है मामला संज्ञान में
लाखनमाजरा थाना प्रभारी राकेश ने बताया कि इस तरह का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि कोई शिकायत आई तो कार्रवाई करेंगे। खास बात यह है कि एक महिला अपने अधिकार के लिए घर के बाहर दिनभर बैठी रही और रात होने तक किसी ने उसकी सुध नहीं ली। सवाल उठता है कि उक्त महिला के साथ कोई अनहोनी घटना हो जाए तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। क्या पुलिस शिकायत का इंतजार करती रहेगी।
कई बार समझौते की कोशिश की: सरपंच
सरपंच प्रतिनिधि बलवान नंबरदार ने बताया कि वह गांव की बहू है और आज ही मायके से आई थी। लेकिन उसके ससुर ने उसे घर में नहीं घुसने दिया तो वह घर के बाहर ही बैठ गई। उसके साथ पड़ोस की अन्य महिलाएं और उसकी दादस भी बैठी है। ये महिलाएं रात को भी उसके साथ रहेंगी। मामले को जल्द सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। पहले भी पंचायत हो चुकी हैं और उसका ससुर और पति उसे घर लाने के लिए राजी हो गए थे।