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बार-बार गलतियां मानी पर सुधरे नहीं, अब पहुंचे सलाखों के पीछे

Sat, 12 Sep 2015 02:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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जेएमआईसी विकास की अदालत ने दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने के मामले में शुक्रवार को दोषी इंजीनियर पति और सास को 6 माह कैद की सजा सुनाई है।
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     अदालत में चले अभियोग के अनुसार श्रीनगर कालोनी निवासी आशा ने पुलिस को शिकायत दी थी। आशा ने बताया था कि उसकी शादी 28 मार्च 2007 को बहादुरगढ़ की नई बस्ती निवासी संदीप के साथ हुई थी। संदीप गुड़गांव की एक कंपनी में इंजीनियर था। आरोप है कि शादी के बाद आशा को ससुरालियों ने अतिरिक्त दहेज की मांग करते हुए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

अगस्त 2008 में उसे मारपीट करके घर से निकाल दिया। 21 सितंबर 2008 को ससुरालियों ने अपनी गलती मानी और उसे वापस ससुराल में बुला लिया। कुछ दिन फिर से ससुरालियों ने दहेज की मांग शुरू कर दी। इस मामले में 2009 में एक पंचायत हुई। जिसमें ससुरालियों ने फिर अपनी गलती मानी और उसे अपने साथ ले गए।
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 ससुराल जाने के बाद आशा से फ्लैट खरीदने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की इस बार आशा को उन्होंने दहेज नहीं मिलने पर घर से निकाल दिया। इसके बाद आशा ने अपने पति समेत कई के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करवाया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद पति सास को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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