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एक माह बाद होनी थी शादी, हादसे में घायल होकर तड़पकर मर गया, पुलिस चौकी से बाहर नहीं निकली

Thu, 15 Dec 2016 02:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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शांतमई चौक के पास रात में बाइक और स्कूटी की भिड़ंत, तीनों घायल सड़क पर पड़े रहे - फोटो : amar ujala
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शहर की पुलिस इतनी असंवेदनशील हो गई है कि घायल सड़क पर पड़े तड़पते रहे और पुलिस कर्मी चौकी से बाहर नहीं निकले। लोगों ने घायलों को पीजीआई पहुंचाने के लिए वाहन नहीं मिलने पर कई बार चौकी जाकर पुलिस से मिन्नतें की, ताकि घायलों की जान बचाई जा सके, लेकिन पुलिस कर्मी टस से मस नहीं हुए। इस पर लोगों ने हंगामा भी किया, फिर भी पुलिस पर कोई फर्क नहीं पड़ा। इसके बाद लोग अपने घर जाकर वाहन लाये और तीनों घायलों को पीजीआई में भर्ती कराया। लेकिन उस समय तक एक युवक की तड़पकर मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि युवक की एक माह बाद 16 जनवरी को शादी होनी थी।  
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शांतमई चौक पर पालिका बाजार के पास बुधवार रात लगभग ग्यारह बजे एक बाइक व स्कूटी की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। बाइक पर दो युवक सवार थे जबकि स्कूटी पर एक युवक था। बाइक और स्कूटी की जोरदार टक्कर में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और सड़क पर लहूलुहान पड़े रहे। इसी समय वहां से किला मोहल्ले का रहने वाला मानव अपने दोस्त मोहित के साथ घर जा रहा था। इन्होंने घायलों को सड़क पर पड़ा तड़पता देखा। मौके पर काफी खून भी बिखरा पड़ा था। घायलों की हालत को देखते हुए दोनों आर्यनगर पुलिस चौकी पहुंचे। मानव का आरोप है कि चौकी में एक पुलिस कर्मी मौजूद था। उसे दुर्घटना के बारे में बताया और घायलों को पीजीआई पहुंचाने के लिए कहा। लेकिन पुलिस कर्मी ने उनकी नहीं सुनी। युवकों का आरोप है कि पुलिस कर्मी शराब के नशे में था। इस कारण वह ठीक से बात भी नहीं कर पा रहा था। युवकों ने पुलिस वाले से थाने या पीसीआर को सूचना देकर बुलाने के लिए कह, लेकिन उसने कहीं भी सूचना नहीं दी। इस वजह से घायल काफी देर तक सड़क पर पड़े तड़पते रहे। इसके बाद लोगों को इकट्ठा किया, जिससे किसी तरह घायलों को पीजीआई पहुंचाया जा सके। कई लोगों के पहुंचने पर किसी तरह वाहन की व्यवस्था की गई और घायलों को पीजीआई में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने जांच के बाद बाइक सवार एक युवक को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि सिर में चोट लगने की वजह से उसका काफी खून बह गया था। युवक की शिनाख्त गोहाना के बली ब्राह्मण गांव के नीरज के रूप में हुई है। नीरज के साथ गांव का मनोज बाइक पर बैठा था। दोनों हिसार रोड पर एक प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी करते थे। मनोज के भी सिर में चोट लगी है। उसकी भी हालत गंभीर बताई जा रही है। इसी तरह स्कूटी सवार दीदार की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। दीदार कहां का रहने वाला है इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। जब लोगों को एक युवक के मरने का पता चला तो उन्होंने आर्यनगर चौकी पहुंचकर हंगामा कर दिया। चौकी में मानव, हरीश, मोहित, संजय ने आरोप लगाया कि अगर पुलिस घायलों को समय पर पीजीआई में भर्ती करा देती तो एक युवक की मौत नहीं होती। दोनों घायलों की भी हालत इतनी खराब नहीं होती। लोगों के हंगामा करने का पता चलने पर सिविल लाइन थाना एसएचओ रमेश पहुंचे और लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।  

परिजनों को सूचना दी, घायल की जानकारी जुटा रहे

सड़क हादसे में मरे नीरज व घायल मनोज के परिजनों को पुलिस ने फोन से हादसे की सूचना दी। इसके अलावा फैक्ट्री में हादसे का पता चलने पर उनके साथ काम करने वाले कई कर्मी पीजीआई पहुंच गए। स्कूटी सवार के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। उसके पास से ऐसा कुछ नहीं मिला है, जिससे उसके बारे में पता चल सके कि वह कहां का रहने वाला है।
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एक महीने बाद थी नीरज की शादी

फैक्ट्री से पीजीआई पहुंचे नीरज के साथियों ने बताया कि उसकी एक महीने बाद 16 जनवरी 2017 को शादी होनी थी। नीरज और परिवार के लोग शादी की तैयारियों में लगे थे। लेकिन उनको क्या पता था कि शादी की खुशियां आने से पहले ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ेगा।
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