गांव मायना निवासी सूरजमल को भतीजे नवीन की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील गुप्ता की अदालत ने दोषी को 10 हजार रुपये जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है। जुर्माना नहीं भरने पर हत्यारे सूरजमल को छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
कोर्ट ने नौ महीने में ही इस मुकदमे पर फैसला सुना लिया।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार मायना निवासी परमजीत ने दिसंबर 2014 को पुलिस में शिकायत दी थी।
इसमें बताया था कि 1 दिसंबर 2014 की रात उसका छोटे भाई नवीन की अज्ञात व्यक्ति ने घर में घुसकर हत्या कर दी।
मृतक नवीन हत्या की रात अपने चाचा सूरजमल के घर में सोया था। पुलिस ने इसी शक पर सूरजमल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ में सामने आया कि सूरजमल ने रोहतक की दो दुकान और एक मकान को लेकर नवीन की हत्या की है। इस प्रापर्टी को लेकर उनका विवाद चल रहा था। उसके बड़े भाई के गुजर जाने के बाद नवीन शहर की दुकानों और मकान में अपना हिस्सा मांग रहा था। इसी बात को लेकर नवीन उसके साथ मारपीट करता था। इसी कारण उसने गोली मारकर नवीन की हत्या की थी। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद दोषी को सजा सुनाई।