सौतले बाप की हैवानियत का शिकार हुई बच्ची के गर्भवती होने पर गर्भपात की प्रक्रिया बुधवार को शुरू हो गई। पीजीआई में बच्ची को दवाईयां देने के कुछ ही देर बाद तबियत बिगड़ गई। बच्ची की हालत गंभीर होने से बोर्ड के डॉक्टरों की भी चिंता बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की उम्र कम होने के कारण दूसरे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है। गर्भपात होने की प्रक्रिया में दो दिन तक भी लग सकते हैं। वैसे तो दवाओं को सहारे ही इस प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। विपरीत परिस्थितियों अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा।
महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गरिमा ने बताया कि बच्ची को गर्भपात से संबंधित दवाईयां दी गईं थी। उसके कुछ देर बाद उसकी तबियत खराब हो गई। मेडिकल बोर्ड बच्ची के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए गर्भपात की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। बता दें, कि शहर की एक कॉलोनी में 10 वर्षीय बच्ची के साथ सौतेले बाप ने दुष्कर्म किया था। पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल में बच्ची के पांच माह की गर्भवती होने का पता चला था। बच्ची के गर्भपात को लेकर पीजीआईएमएस के फोरेंसिक, रेडियोलॉजी, गायनी, साइक्रेट्री और डेंटल डिपार्टमेंट के पांच डॉक्टरों का बोर्ड बनाया गया था। मां ने गर्भपात को लेकर कोर्ट से अनुमति मांगी थी। मंगलवार को कोर्ट ने कहा कि बच्ची के स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टरों का बोर्ड ही निर्णय लें। इसके बाद बोर्ड ने गर्भपात कराने का निर्णय लिया।