कोर्ट में अपने तलाक के मामले में फैसले के लिए आई महिला कांस्टेबल की पूर्व पति और उसके साथियों नेगेट बंद कर जमकर पिटाई की।
वकालत की प्रैक्टिस कर रहा कांस्टेबल के पूर्व पति और अन्य साथी वकीलों ने महिला कांस्टेबल की गर्दन दबोच ली और पिटाई शुरू कर दी।
महिला कांस्टेबल किसी तरह से जान बचा गेट से बाहर चौराहे पहुुंची तो वहां भी आरोपियों ने उसे घेर लिया। मौके पर पहुंची महिला पीसीआर ने जब बीच-बचाव की कोशिश की तो उससे भी बदसलूकी की गई।
करीब एक घंटे तक वकीलों और महिला के बीच चौराहे पर नोकझोंक हुई। बाद में कांस्टेबल शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस में रामगोपाल कॉलोनी निवासी मनजीत सहित अन्य के पांच-छह खिलाफ आईपीसी की धारा 148, 149, 394, 506, 323 के तहत केस दर्ज किया गया है। सिविल लाइन थाना एसएचओ नवीन ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है, जांच चल रही है।
गांव नांदल निवासी सोनिया ने बताया कि वह पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है। फिलहाल डयूटी पुलिस कंट्रोल रूम में है। वह पुलिस क्वार्टर में रहती है।
सोनिया ने बताया कि वर्ष 2010 में उसकी शादी गांव मायना निवासी मनजीत से हुई थी। वर्तमान में मनजीत रामगोपाल कॉलोनी में रहता है। शादी के कुछ ही महीनों बाद ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। मामला बढ़ने पर कोर्ट में मुकदमा पहुंच गया।
छह महीने पहले पंचायती तौर पर तलाक हो गया था। उस संबंध में कोर्ट ने 22 सितंबर सुनवाई की तारीख तय की थी। कोर्ट का फैसला होने पर सोनिया अपनी ताई धनकौर के साथ मनजीत के वकील के चैंबर में पहुंची। सोनिया ने बताया कि वह महिला सेल में दी गई शिकायत को समाप्त करने के संबंध में चैंबर में पहुंची थी। तभी मनजीत और उसके साथी वकील ने गाली गलौच शुरू कर दी। विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। कचहरी का गेट नंबर 1 बंद करके दोनों वकीलों और मनजीत ने सोनिया की जमकर पिटाई की। जैसे तैसे सोनिया के परिवार के सदस्यों ने कचहरी का गेट खोलकर सोनिया को बाहर निकाला।
मोबाइल छीनकर डिलिट की मारपीट की वीडियो
सोनिया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जब मनजीत और उसके वक ीलों ने उसके साथ मारपीट की तो राजेन्द्र कॉलोनी निवासी जितेन्द्र कुंडू वहां आ गया। उसने मारपीट का विडियो रिकॉर्ड कर लिया लेकिन, आरोपियों ने उसका मोबाइल छीनकर वीडियो डिलिट कर दिया।
कांस्टेबल पिटती रही, खड़ी रही पुरुष पीसीआर
जब कांस्टेबल सोनिया की पिटाई की जा रही थी तो महज 50 मीटर पर कोर्ट परिसर के सामने पुरुष पीसीआर खड़ी थी। मगर एक भी पुलिस कर्मी बीच बचाव में नहीं आया। इसके बाद परिजनों ने महिला थाने की पीसीआर को फोन करके बुलाया।
गर्दन पकड़े बिलखती हुई पहुंची एसपी ऑफिस
सोनिया कचहरी चौराहे से गर्दन पकड़कर बिलखती हुई एसपी ऑफिस पहुंची। मगर यहां एसपी नहीं मिले। इसके बाद कांस्टेबल डीएसपी विजेन्द्र सिंह के ऑफिस पहुंची और आपबीती सुनाई। इस पर डीएसपी ने कांस्टेबल को मेडिकल जांच के लिए पीजीआई भेज दिया।
वर्जन-
मुझे बार के वकीलों के साथ मारपीट की सूचना मिली थी, इसलिए मैं मौके पर पहुंचा था। मगर बाद में मामला कुछ ओर निकला। उस विवाद से मेरा कोई संबंध नहीं है।
दीपक कुंडू, प्रधान, जिला बार एसोसिएशन
मामले में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएग। कानून सभी के लिए समान है। महिला कांस्टेबल की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।
बिजेंद्र सिंह, डीएसपी, हेड क्वार्टर