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पार्टी के बाद नीयत बदली तो कंपनी के कारिंदों ने उड़ाई जमा करने वाली रकम

Sat, 11 Feb 2017 02:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रोहतक।
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तो एक साजिश के तहत जलाया गया था गांधी कैंप के मुख्य बाजार स्थित एसबीआई का एटीएम। कम से कम पुलिस की हिरासत में लिए गए चार युवक तो यही कहानी बता रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि एटीएम में कैश डालने वाले निजी कंपनी के कारिंदों ने ही आग लगाई थी। इसकी वजह यह थी कि उन्होंने जो नकदी एटीएम में रखनी थी उसे अपनी जेब में रख लिया था। इसलिए पुलिस और बैंक को गुमराह करने और सबूत खत्म करने के लिए एटीएम को आग लगा दी। पुलिस ने वारदात से जुडे़ चार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस शनिवार को मामले का खुलासा कर सकती है।
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यूं रची लाखों पर हाथ मारने की साजिश
पुलिस सूत्रों का कहना है कि बुधवार रात एसबीआई के एटीएम में कैश जमा किया जा रहा था। शहर के एटीएम में कैश जमा करने का जिम्मा चार कर्मचारियों को सौंपा गया था। काफी समय से चारों कर्मचारी कंपनी से जुड़े थे। रात को चारों गांधी कैंप स्थित एसबीआई के एटीएम में कैश जमा करने पहुंचे। कर्मचारियों में से एक युवक सिक्योरिटी के लिहाज से बंदूक के साथ बाहर खड़ा रहा। जबकि जिस पर कैश जमा करने की जिम्मेदारी थी वह दूसरे साथी को लेकर एटीएम के केबिन में चला गया और अंदर से शटर को नीचे कर दिया। इसी बीच उनमें लाखों रुपये पर हाथ मारने पर बात हुई। उन्होंने एटीएम में कैश जमा करने के बजाय अपनी जेब में रख लिए। कुछ देर तक एटीएम के केबिन में रहने के बाद बाहर आ गये और चले गये।

पहले पार्टी की, फिर पहुंचे एटीएम में आग लगाने
एटीएम से जाने के बाद चारों कर्मचारियों ने एक जगह पार्टी की। करीब दो तीन घंटे तक पार्टी करने के बाद आरोपियों में से एक कर्मचारी ने एटीएम को आग लगाने की बात कही। इस पर सभी तैयार हो गये। तभी आरोपियों ने चादर ओढ़कर बाइक से एटीएम के पास पहुंचे। पहले तो सिक्योरिटी गार्ड का मोबाइल छीना और उसे बंधक बना लिया। इसके बाद एटीएम के अंदर घुसकर आग लगा दी।  
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ऐसे हुआ खुलासा
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने हर स्तर पर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पहले तो सिक्योरिटी गार्ड से गहन पूछताछ की। जांच में सामने आया कि एटीएम में बुधवार रात को ही कैश डाला गया था। इस पर पुलिस ने कैश जमा करने वाले कर्मचारियों के नाम और पते जुटाए। जांच में पता चला कि सभी मोखरा गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने गांव मोखरा निवासी गनमैन को उठा लिया और उससे पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने साजिश रचने वालों को दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने साजिश का खुलासा किया।

लाखों का कैश उड़ाया, गनमैन को पता नहीं
मामले में दबोचा गया गनमैन खुद को निर्दोष बता रहा है। उसका कहना है कि उसे नकदी हजम करने की साजिश के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है। जिस समय तीनों युवकों ने कैश को अपनी जेब में रखा उस समय गनमैन को घटना की जानकारी नहीं थी। पुलिस पूछताछ में गनमैन का कहना है कि उसे तीनों युवकों की करतूत के बारे में नहीं पता है। हालांकि, पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है। दूसरी तरफ, सामने आया कि आग लगाने वाले युवकों के पास से गनमैन पार्टी करने के बाद घर चला गया था। आग लगाने से पहले उसे घर से साथ ले गये।

अंतिम एटीएम पर आकर खराब हुई नीयत
गांधी कैं प के एटीएम में रुपये जमा करने आने से पहले तीनों युवकों ने शहर के कई एटीएम में कैश जमा किये थे। गांधी कैंप का एटीएम अंतिम था। जब वह इस एटीएम पर पहुंचे तो उनकी नीयत खराब हो गई। इसके बाद युवकों ने जमा के लिए रखा कैश उड़ा दिया। युवकों को हिरासत में लेकर पीजीआई थाना पुलिस रातभर कैश की बरामदगी के लिए छापेमारी करती रही। कई जगहों पर उनकी निशानदेही पर छापेमारी की गई। हालांकि, पुलिस को कुछ ही कैश मिला है। एक विश्वस्त सूत्र का कहना है कि एटीएम में कैश जमा करने वाले कंपनी के कारिंदों ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस आरोपियों के नजदीक पहुंच गई है।
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