सुबह शौचालय में छोड़ गया था बच्चे को, हरिओम सेवा दल को सौंपा गया
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पीजीआईएमएस में एक बार फिर मानवता शर्मशार कर देने वाली घटना सामने आई। यहां एक नवजात बच्चे को अल सुबह कोई शौचालय में लावारिस छोड़ गया। सूचना मिलने पर अधिकारियोें ने बच्चे को आपात विभाग के बाल रोग विभाग में भर्ती कराकर उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने बताया नवजात लड़का एक दिन का है और उसकी हालत सामान्य है। वहीं विभाग के अधिकारी पुलिस के साथ मिलकर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि परिजनों का पता चल सके।
बृहस्पतिवार सुबह सात बजे एक महिला ने पीजीआईएमएस के मार्डन ब्लड बैंक के शौचालय में नवजात बच्चा रखा होने की सूचना दी। कुछ ही देर में लोग वहां एकजुट होने लगे। हंगामा होते देख सुरक्षाकर्मी भी वहां पहुंचे और नवजात बच्चे की सूचना सीएमओ डॉ. महेश माला को दी। सीएमओ ने हरिओम सेवा दल के प्रभारी जगदीश अलावादी को बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी। इसके साथ ही डॉ. माला ने नवजात को बाल रोग विभाग में उपचार के लिए दाखिल करा दिया। डॉ. महेश माला ने बताया कि फिलहाल बच्चे के परिजनों का पता नहीं चल पाया है। वह प्लेसेंटा के साथ मिला था, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह एक दिन का ही है। इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई है।
बोले अधिकारी
नवजात बच्चे का स्वास्थ्य ठीक है। उसे बाल रोग विभाग में फिलहाल रखा गया है। विभाग पुलिस के साथ मिलकर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा है, जिससे बच्चे को अस्पताल में लाने वाले का पता लगाया जा सके।
- डॉ. संदीप, डीएमएस, आपातकालीन विभाग, पीजीआईएमएस
नवजात बच्चे की देखभाल के लिए हरिओम सेवा दल की ओर से महिला सेवादार की जिम्मेदारी लगा दी गई है। इसके साथ ही संस्था ने स्थानीय पुलिस व बाल कल्याण समिति को इसकी सूचना दे दी है। हम बच्चे के परिवार की तलाश कर रहे हैं।
- विजय खुराना, संचालक, हरिओम सेवा दल