फरवरी 2016 में हुई हिंसा के पांच केस प्रदेश सरकार ने सीबीआई को जांच के लिए सौंपे थे। जांच टीम ने पांचों केस में सीबीआई कोर्ट में अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की थी। एक केस में आरोपी शुक्रवार को बरी हो गए। बाकी चार केस में सुनवाई चल रही है। इसमें पूर्व वित्तमंत्री की कोठी में आग लगाने की पुलिस की तरफ से दर्ज कराई एफआईआर, आईजी कार्यालय में तोड़फोड़ व हिंसा, पूर्व वित्तमंत्री के स्कूल व प्रिंटिंग प्रेस में हिंसा के मामले में फैसला आना बाकी है।
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि 21 फरवरी 2016 को रोहतक पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ पूर्व वित्तमंत्री की कोठी में आग लगाने, तोड़फोड़ व हिंसा की एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में केस सीबीआई के पास चला गया। केस में अभी गवाही चल रही है। हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर उक्त एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है।
पूर्व वित्तमंत्री की कोठी जलाने के मामले में शुक्रवार को आया अदालत का फैसला सही है। इसमें किसी एक पक्ष की हार-जीत नहीं हुई बल्कि समाज व भाईचारे की जीत हुई है। समाज ने भाईचारे को बनाए रखने के लिए पहले भी प्रयास किए थे। जो सफल रहे। 2016 में जो हुआ दुर्भाग्यपूर्ण था। -महेंद्र सिंह नांदल, संयोजक सर्वखाप पंचायत
नेताओं ने साधी चुप्पी, सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया नहीं
पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में सीबीआई कोर्ट के आरोपियों को बरी करने के निर्णय पर नेताओं ने चुप्पी साध ली है। राजनीति में सक्रिय नेता सोशल मीडिया पर भी फैसले पर अपने विचार व्यक्त नहीं कर रहे हैं।
पूर्व वित्तमंत्री की कोठी पर चहल-पहल नहीं, बोले दिल्ली हैं कैप्टन अभिमन्यु
सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने केवल इतना कहा है कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। शनिवार को भी वह दिल्ली ही रहे। सेक्टर-14 स्थित कोठी पर ज्यादा चहल-पहल नहीं दिखी।